सागर, जीशान खान। शहर की पेयजल व्यवस्था में लगातार मिल रही शिकायतों पर नगर निगम की महापौर-इन-काउंसिल (एमआईसी) ने कड़ा रुख अपनाते हुए टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड को नौ गंभीर बिंदुओं पर नोटिस जारी किया है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि कंपनी ने जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया तो उसका अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।


महापौर संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि शहरवासियों को बेहतर पेयजल उपलब्ध कराना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि कंपनी को 24×7 जलप्रदाय व्यवस्था लागू न करने, पाइपलाइन संधारण में लापरवाही, अनुबंध उल्लंघन और अन्य संचालन संबंधी कमियों पर नोटिस जारी किया गया है।


बैठक में नए नल कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को राहत देते हुए निर्णय लिया गया कि बिल वितरण में टाटा प्रोजेक्ट की देरी के कारण किसी भी उपभोक्ता से फिलहाल पेनाल्टी नहीं वसूली जाएगी। परिषद की अनुमति के बिना जुर्माना लगाने पर रोक रहेगी। एमआईसी ने कहा कि कंपनी की लापरवाही का खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतना पड़ेगा।


बैठक में अमृत 2.0 परियोजनाओं की समीक्षा, राजघाट बांध उन्नयन, सीवरेज कार्यों की प्रगति तथा बारिश से पहले 97.11 लाख रुपये की लागत से शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों के रिस्टोरेशन एवं पेंच रिपेयर कार्यों की निविदा जारी करने की भी पुष्टि की गई। साथ ही नगर निगम भवनों पर पीपीपी मॉडल के तहत सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।