भोपाल, सुबोध त्रिपाठी। मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) संवर्ग में पदोन्नति (IAS Award) की प्रक्रिया तेज हो गई है। कुल 13 रिक्त पदों को भरने के लिए वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर 39 पात्र अधिकारियों की सूची तैयार कर उच्च स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य समीक्षा समिति की विभागीय पदोन्न्ति समिति (DPC) की यह महत्वपूर्ण बैठक जुलाई 2026 के पहले पखवाड़े (First Fortnight) में होना संभावित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुमोदन के बाद अंतिम सूची संघ लोक सेवा आयोग को भेजी जा रही है, जहां से हरी झंडी मिलते ही तारीख अंतिम रूप से तय हो जाएगी।

इस पदोन्नति प्रक्रिया में मुख्य रूप से 2007 और 2008-09 बैच तक के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें 2007 बैच के अफसरों की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।

2007 बैच के प्रमुख अधिकारी (जिनके नामों पर विचार जारी है)

वरिष्ठता सूची और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, डीपीसी की बैठक के लिए जिन 39 प्रमुख अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, उनमें शामिल मुख्य चेहरे इस प्रकार हैं:

  • प्रमुख दावेदार: मिनिषा पांडे, इला तिवारी, नीता राठौर, शैलेंद्र सिंह सोलंकी, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेंद्र, वर्षा सोलंकी, प्रियंका गोयल, अभिषेक दुबे, नरोत्तम प्रसाद भार्गव, निधि सिंह राजपूत, निमिषा जायसवाल और संदीप सोनी।

चयन के कड़े मापदंड और पेंच वाले मामले

डीपीसी के सदस्य मुख्य रूप से अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR/CR), पिछले वर्षों के परफॉर्मेंस और उनके संपूर्ण सर्विस रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करेंगे। जिन 13 अफसरों का रिकॉर्ड सबसे उत्कृष्ट पाया जाएगा, उन्हें ही अंतिम रूप से चुना जाना संभावित है। इस प्रक्रिया में कुछ कड़े नियम और पेंच भी सामने आ रहे हैं:

  • उम्र का बंधन: नियमानुसार, चयन सूची तैयार होने वाले वर्ष की पहली जनवरी को जिन अधिकारियों की उम्र 56 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, उनके नामों पर इस प्रक्रिया के तहत विचार नहीं किया जाता है।
  • सीलबंद लिफाफा (Sealed Cover) व पेंच वाले मामले: जिन अधिकारियों के खिलाफ कोई विभागीय जांच (DE), कोर्ट केस या गंभीर प्रशासनिक शिकायत लंबित है, उनके चयन को होल्ड पर रखकर परिणाम सीलबंद लिफाफे में रख दिया जाता है या वे रेस से बाहर हो जाते हैं।
    • कमल नागर (2002 बैच): इनका मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित होने के कारण इस बार भी पदोन्नति का केस टलने की संभावना है।
    • सपना एम लोवंशी (2007 बैच): पदक्रम सूची में इनका स्थान इला तिवारी के ठीक बाद आता है, लेकिन वर्तमान में चल रही एक विभागीय जांच के कारण ये डीपीसी की रेस से बाहर हो सकती हैं।

प्रशासनिक फेरबदल और समानांतर आईपीएस डीपीसी

जैसे ही इन 13 नए आईएएस अधिकारियों के नामों की अंतिम अधिसूचना जारी होगी, प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ी सर्जरी देखने को मिलेगी। इन प्रमोटेड आईएएस अधिकारियों को जिलों में अपर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ या मंत्रालयों में उप-सचिव/संयुक्त सचिव जैसी महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।

आईपीएस (IPS) अवार्ड अपडेट: ठीक इसी तरह की प्रक्रिया राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों के लिए भी समानांतर रूप से चलाई गई है, जहां 9 रिक्त पदों के मुकाबले 27 अधिकारियों के नामों पर विचार करने के लिए 25 जून 2026 को डीपीसी की बैठक संपन्न हो चुकी है। इस बैठक में 1997, 1998 और 2000 बैच के सीताराम सस्त्या, मनीषा पाठक सोनी, निमिषा पांडेय, मलय जैन सहित 8 अधिकारियों के नामों को हरी झंडी मिलना संभावित है, जबकि विभागीय जांच और एसीआर के कड़े मानकों के कारण राजेश कुमार मिश्रा और संदीप मिश्रा जैसे नाम इस दौड़ से बाहर हो गए हैं।