छतरपुर, शिवम सोनी। सड़क हादसे में बेटे की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर पुलिस विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर को ही थाने के बाहर धरने पर बैठना पड़ा। मृतक के पिता मथुरा प्रसाद गौड़, जो पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ हैं, ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत के बावजूद अब तक संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने इसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल बताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम चंदुली निवासी गजेंद्र सिंह गौड़ (30) की 19 तारीख की देर रात सागर रोड पर हुए सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बताया गया कि सागर रोड की ओर से आ रहे ट्रक क्रमांक UP 91 AT 3056 और एक कार की टक्कर के दौरान गजेंद्र ट्रक के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में बाइक पर उनके साथ सवार वीरेंद्र (19), पिता अज्जूदी गौड़, निवासी चंदुली, घायल हो गए, जिनका उपचार कराया गया।
मथुरा प्रसाद गौड़ का आरोप है कि पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को तो जब्त कर लिया, लेकिन ट्रक को पकड़ने के बाद छोड़ दिया। उनका कहना है कि घटना के बाद से वे लगातार संबंधित थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि एक पुलिस अधिकारी को ही अपने बेटे की मौत के मामले में न्याय के लिए धरना देना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
धरने पर बैठे सब-इंस्पेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जब तक मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। वहीं परिजनों ने भी निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब जिले की पुलिस व्यवस्था और कार्रवाई की पारदर्शिता को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।




