भोपाल/ग्वालियर। भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस से इंसानियत और त्वरित सूझबूझ का एक दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ट्रेन यात्रा के दौरान 26-27 साल के एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसे यात्रियों, टीटीई और ट्रेन में मौजूद डॉक्टरों के साझा प्रयासों से सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया गया।


ट्रेन में अचानक बिगड़ी हालत, TTE ने कराया अनाउंसमेंट

भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रहे युवक को अचानक चक्कर आने लगे और उसके शरीर में खिंचाव होने लगा। युवक की नाजुक स्थिति देख कोच में अफरा-तफरी मच गई। टीटीई (TTE) और सह-यात्रियों ने बिना समय गंवाए स्थिति संभाली। टीटीई ने तुरंत पूरी ट्रेन में लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कराया कि यदि कोई डॉक्टर ट्रेन में सफर कर रहा हो तो आपातकालीन मदद के लिए आगे आए।


MBBS ट्रेनी और दो महिला डॉक्टर बनीं 'फरिश्ता'

अनाउंसमेंट सुनते ही एक एमबीबीएस ट्रेनी डॉक्टर मदद के लिए पहुंचे। बीपी कम होने की आशंका पर उन्होंने कॉफी देने की बात कही, लेकिन अन्य यात्रियों की सलाह पर फ्रूटी पिलाई गई, जिसके बाद युवक को उल्टी हो गई। कुछ यात्री युवक को धौलपुर स्टेशन पर उतारने की बात कहने लगे, लेकिन टीटीई ने समझदारी दिखाते हुए कहा कि धौलपुर में मेडिकल मदद मिलने में देरी हो सकती है, इसलिए ट्रेन को आगे बढ़ने दिया जाए। इसी बीच ट्रेन में सवार दो महिला डॉक्टर फरिश्ता बनकर पहुंचीं। वहीं एक अन्य यात्री तुरंत अपना डिजिटल बीपी मॉनिटर (BP Machine) और इमरजेंसी फर्स्ट-एड बॉक्स लेकर आया। बीपी चेक करने पर ब्लड प्रेशर काफी हाई पाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत हाई बीपी नियंत्रित करने की दवा दी, हल्का खाना खिलाया और युवक का ढांढस बंधाया।


इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल

युवक ने अपनी खराब स्थिति में भी सीट और कोच गंदा होने पर जेब से ₹300-₹400 निकालकर सफाईकर्मी को देने की कोशिश की, लेकिन सह-यात्रियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उससे पैसे लेने से मना कर दिया और खुद सफाई की व्यवस्था कराई। यात्रियों ने फोन पर युवक के परिजनों से संपर्क कर उन्हें ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचने को कहा। ट्रेन के ग्वालियर पहुंचते ही युवक को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।


यह वाकया साबित करता है कि आपात स्थिति में सही समय पर सही फैसला लेना कितना जरूरी है और आज भी आम लोगों में इंसानियत व एक-दूसरे की मदद करने का जज्बा पूरी तरह जिंदा है।