वाशिंगटन। ईरान के ख‍िलाफ अमेर‍िका की कार्रवाई पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा क‍ि ईरान पर जारी इन हमलों का मकसद होर्मुज स्‍ट्रेट की सुरक्षा और स्‍वतंत्रता है। अमेर‍िका इन हमलों से ईरान की उन सैन्‍य क्षमताओं को खत्‍म कर रहा है, ज‍िसका इस्‍तेमाल वह होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर करता है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर ल‍िखा, ''बुधवार सुबह छह बजे (ईस्टर्न टाइम) से अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेना ने ईरान के खिलाफ कई हवाई हमले शुरू किए हैं। इन हमलों का मकसद ईरानी सेना की उन सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल उसने होर्मुज स्‍ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए किया है।''

अमेरिकी कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिसके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और नागरिक चालक दल के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ये हमले उसी दिन हुए जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ अपनी नाकाबंदी फिर से शुरू की। यह नाकाबंदी अमेरिकी समयानुसार शाम 4 बजे लागू हुई।

अमेरिकी कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना की यह हालिया कार्रवाई कमर्शियल जहाजों और पड़ोसी खाड़ी देशों पर ईरान के कई हमलों के जवाब में की गई है।

कूपर ने कहा कि पिछले सात दिनों में, ईरान ने इस इलाके में जान-बूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाते हुए सात कमर्शियल जहाजों पर हमले किए हैं, जिनमें लगभग 12 नागरिक क्रू मेंबर मारे गए, लापता हुए या घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन भी दागे हैं।

कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने आगे कहा, "अमेरिकी सेना ईरान को उस गैर-जरूरी आक्रामकता के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है, जिससे बेगुनाह लोगों की जान को खतरा बना हुआ है।"