वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेटर यास्तिका भाटिया ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में शतक लगाया। 25 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 158 गेंदों में 14 चौकों के साथ 113 रन की पारी खेली। यास्तिका इस मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला हैं। माता-पिता अपनी बेटी की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं।
यास्तिका की मां गरिमा भाटिया ने 'आईएएनएस' से कहा, "यास्तिका ने काफी संघर्ष किया है। वह टीम से अंदर और बाहर होती रही हैं। खासकर इंजरी की वजह से वह 2 साल से परेशान थीं। संघर्षों से लड़ने के बाद जब यास्तिका ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, तो ऐसा लगा कि भगवान ने उन्हें मेहनत का फल दिया है। इसके लिए भगवान का शुक्रिया।"
मां ने बताया कि जब यास्तिका शतक के करीब पहुंचीं, तब उनकी दिल की धड़कनें बढ़ गई थीं। गरिमा भाटिया ने कहा, "जब यास्तिका शतक के करीब थीं, तो हमें डर था, क्योंकि कई खिलाड़ी शतक के करीब आकर उससे चूक जाते हैं। हम भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि उन्हें शतक के पार पहुंचा दें। हमने मैच के बाद यास्तिका से बात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्हें समझाया कि यह अभी एक पड़ाव है, लेकिन आगे भी कई मील के पत्थर हैं।"
पिता हरीश भाटिया ने कहा, "यास्तिका ने चोट से उबरकर शानदार वापसी की है। यह उनके करियर के लिए बहुत बड़ा टर्निंग प्वाइंट है। यास्तिका ने इस पारी के बाद कहा था कि यह उनके करियर का पहला पड़ाव है। आगे भी ऐसे पड़ाव आएंगे।"
यह क्रिकेट इतिहास में लॉर्ड्स के मैदान पर पहला महिला टेस्ट मैच था, जिसे भारत ने 270 रन से अपने नाम किया। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाने के बाद मेजबान टीम को सिर्फ 170 रन पर समेट दिया। पहली पारी के आधार पर 115 रन की बढ़त हासिल करने के बाद मेहमान टीम ने अपनी दूसरी पारी 341/7 के स्कोर पर घोषित करते हुए इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रन का विशाल लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में मेजबान टीम सिर्फ 186 रन पर सिमट गई।




