छतरपुर, संतोष शिवहरे। महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मनकारी निवासी राघवेंद्र पटेल के परिजनों ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर विरोधी पक्ष द्वारा उसे हत्या और जानलेवा हमले के झूठे मामलों में दोबारा फंसाने की रची जा रही साजिश से सुरक्षा की मांग की है।
आवेदन के अनुसार 21 दिसंबर 2025 को ग्राम मनकारी में जमीन विवाद को लेकर हुए झगड़े में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस मामले में महाराजपुर पुलिस ने अपराध दर्ज किया था। राघवेंद्र का कहना है कि घटना के वक्त वह मौके पर मौजूद नहीं था, लेकिन विरोधियों के दबाव में पुलिस ने मेमोरेंडम के आधार पर उसे सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था। इस मामले में 19 जून 2026 को जबलपुर हाई कोर्ट ने राघवेंद्र की जमानत स्वीकार की, जिसके बाद वह जेल से बाहर आया।
आवेदक का आरोप है कि जमानत मिलने से नाराज विरोधी पक्ष हृदेश पटेल, मनोज पटेल आदि उसे दोबारा जेल भिजवाने के लिए खुद को फर्जी चोटें पहुंचाकर पुलिस व वरिष्ठ अधिकारियों से झूठी शिकायतें कर रहे हैं। जेल से छूटने के बाद से राघवेंद्र अपने गांव मनकारी नहीं गया है और छतरपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहा है। उसने अपने मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस कर जांच कराने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार प्रशासनिक अधिकारियों से लगाई है।

