भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों को TET देना अनिवार्य होगा। परीक्षा का आयोजन माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) द्वारा ऑफलाइन मोड में कराया जाएगा।
सरकारी विद्यालयों में प्राथमिक स्तर पर कार्यरत सहायक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक, सहायक अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 सहित विज्ञान/प्रयोगशाला शिक्षक तथा माध्यमिक स्तर के उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 परीक्षा के दायरे में रहेंगे। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) उत्तीर्ण शिक्षकों को TET देने से छूट रहेगी।
अशासकीय विद्यालयों में प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षक भी TET पात्रता परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा के लिए आवेदन कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल के माध्यम से भरे जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
शिक्षकों को उनके कार्यरत जिले के जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। पांढुर्ना और मऊगंज के शिक्षक पूर्व निर्धारित जिलों क्रमशः छिंदवाड़ा और रीवा के केंद्रों पर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। किसी जिले में परीक्षार्थियों की संख्या बहुत कम होने पर समीपवर्ती जिले अथवा संभागीय स्तर पर केंद्र आवंटित करने का अधिकार एमपी बोर्ड के पास रहेगा।
जानकारी के अनुसार करीब डेढ़ लाख शिक्षक TET के दायरे में आ रहे हैं, जबकि अब तक लगभग 19 हजार आवेदन भरे जा चुके हैं। शिक्षक संगठन लंबे समय से परीक्षा को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने की मांग कर रहे थे। अब विभाग की गाइडलाइन जारी होने के बाद परीक्षा प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।






