छतरपुर, विनोद मिश्रा। शहर के पन्ना नाका स्थित प्रेम प्रतीक मंदिर, नरसिंह धाम में जन्माष्टमी महोत्सव के तहत आयोजित 108 अष्टोत्तरशत श्रीमद्भागवत कथा एवं पार्थिव शिवलिंग निर्माण अनुष्ठान का मंगलवार को हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ विधिवत समापन हुआ। आयोजन के अंतिम दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर भक्ति व आस्था से सराबोर नजर आया।


31 अगस्त से 8 सितंबर तक चले इस आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन में 1 सितंबर से प्रतिदिन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक पार्थिव शिवलिंग निर्माण अनुष्ठान तथा शाम 4 बजे से 7:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा का वाचन महंत श्री सुदर्शन शरण जी महाराज ने किया। कथा श्रवण के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।


कथा के दौरान नारद भक्ति संवाद, ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र, अजामिल उपाख्यान, गज-ग्राह कथा, वामन अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोपी लीला, कंस वध, रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित्र, गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग सहित भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया।


एक लाख श्रद्धालुओं के लिए तैयार हुआ प्रसाद

आयोजक एवं मुख्य यजमान कमलेश चतुर्वेदी ने बताया कि समापन अवसर पर करीब एक लाख श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। विशाल भंडारे की तैयारियों में 98 महिला और 72 पुरुष कारीगरों ने मिलकर प्रसादी तैयार की। सुबह से ही भंडारे की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं और श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित तरीके से प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई।


हवन एवं पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का समापन हुआ। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार, जन्माष्टमी महोत्सव के साथ श्रीमद्भागवत कथा और पार्थिव शिवलिंग निर्माण का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक आस्था के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।