सिवनी। सिवनी जिले में ‘महाकौशल एक्सप्रेस’ के संपादक शमीम खान पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी को कोतवाली थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। यह सनसनीखेज वारदात 3 सितंबर की सुबह करीब 8:00 बजे घटित हुई थी, जब शमीम खान अपने बेटे को मोपेड से उदय पब्लिक स्कूल छोड़कर घर वापस लौट रहे थे। बड़ी ज्यारत नाका के पास शिवहरे क्लिनिक के समीप पीछे से आए दो नकाबपोश स्कूटी सवार युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। गाली-गलौज करते हुए बदमाशों ने धारदार चाकू निकालकर संपादक के पेट में घोंपने का प्रयास किया। हमले के बाद 4 सितंबर को कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 781/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 296(बी), 351(2), 109(1) और 3(5) के अंतर्गत नामजद व अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।


₹25,000 की सुपारी लेकर किया हमला, प्रयुक्त स्कूटी व चाकू बरामद

पत्रकार पर हमले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने विशेष टीम गठित कर संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने कान्हा उर्फ कृष्णा उर्फ बिट्टू बैरागी (24 वर्ष) और एक 16 वर्षीय विधि-विवादित किशोर को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें संपादक शमीम खान पर हमला करने के लिए करीब ₹25,000 की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक्सेस स्कूटी (क्रमांक MP22 ZC 0140) और धारदार चाकू विधिवत जब्त कर लिया है।


आरोपी बिट्टू बैरागी भेजा गया जेल, नाबालिग बाल संप्रेषण गृह दाखिल

पुलिस ने मुख्य आरोपी कान्हा उर्फ कृष्णा उर्फ बिट्टू बैरागी (पिता पंचम उर्फ पंचमलाल बैरागी, निवासी बारापत्थर, पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे, सिवनी) को अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक आदेश पर उसे सीधे जेल भेज दिया गया। वहीं सह-आरोपी 16 वर्षीय किशोर को किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुत कर बाल संप्रेषण गृह सिवनी भेजा गया है।


आरोपी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड, हिस्ट्रीशीटरों से जुड़े हैं तार

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी बिट्टू बैरागी एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध सिवनी कोतवाली थाने में चोरी, नकबजनी और जानलेवा मारपीट के 10 संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं विधि-विवादित किशोर के खिलाफ भी चोरी और मारपीट के 2 प्रकरण लंबित हैं। पुलिस ने बताया कि 2 दिसंबर 2024 को भी बिट्टू बैरागी ने अपने साथियों पीयूष उर्फ खब्बा यादव और शेख स्माईल के साथ मिलकर सूचीबद्ध बदमाश मयूर दुबे के इशारे पर परमानंद जायसवाल पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया था, जिसमें उस पर अपराध क्रमांक 882/2024 दर्ज हुआ था।


सुपारी देने वाले मुख्य सूत्रधार की तलाश में जुटी पुलिस

कोतवाली पुलिस के अनुसार, पत्रकार पर हमला कराने के पीछे असली मंशा क्या थी और करीब ₹25 हजार की सुपारी किस व्यक्ति ने दी थी, इसकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। सुपारी देने वाले मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि मास्टरमाइंड के पकड़े जाने के बाद ही पत्रकारिता से जुड़े किसी विवाद या अन्य रंजिश का वास्तविक खुलासा हो सकेगा।