मुंबई। एशिया में मौजूद रिफाइनिंग कंपनियां अपने सुनहरे दौर में प्रवेश कर रही हैं और मजबूत मांग विशेषकर डीजल से इन कंपनियों को बेहतर मार्जिन हासिल करने मदद मिलेगी। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि मार्केट भविष्य में रिफाइनिंग क्षमता में होने वाली बढ़ोतरी का अधिक अनुमान लगा रहा है, जबकि मौजूदा क्षमता में आने वाली रुकावटों को कम करके आंक रहा है। इससे आपूर्ति और मांग का संतुलन और सख्त हो जाएगा, जिससे मध्यम अवधि में रिफाइनिंग मार्जिन को सहारा मिलने का अनुमान है।
ब्रोकरेज ने अनुमान लगाया कि विश्व में 23 लाख बैरल प्रति दिन से अधिक की प्रस्तावित रिफाइनिंग क्षमता में देरी या ऑपरेशन से जुड़ी चुनौतियां आ सकती हैं, जिससे प्रोडक्ट मार्केट उम्मीद से ज्यादा सख्त बने रह सकते हैं।
साथ ही, उम्मीद से अधिक ईंधन की मांग खासकर डीजल की रिफाइनिंग स्प्रेड को और सहारा दे सकती है।
एशियाई रिफाइनर्स का लगभग आधा रिफाइनिंग कारोबार डीजल से जुड़ा है इसलिए अगर डीजल मार्जिन ऊंचे बने रहते हैं, तो उन्हें फायदा हो सकता है।
मॉर्गन स्टेनली ने भारत, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया की रिफाइनरी कंपनियों को अपनी पंसद बताया है और कहा रिफाइनिंग मार्केट में कठिन हालात का फायदा उठाने के मामले में इन देशों कंपनियां अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं।
ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में एशिया की जिन रिफाइनिंग कंपनियों का नाम लिया, उनमें भारत की हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन शामिल हैं।
इस रिपोर्ट के बाद रिफाइनिंग कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। दोपहर 12 बजे हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के शेयर 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 394 रुपए, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के शेयर 1.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 308 रुपए और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के शेयर 2.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 140 रुपए पर थे।




