छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले स्थित अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के जिलेहरी गांव में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में काम कर रहे एक ही परिवार के सात लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि परिवार के छह अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर में अचानक मौसम खराब हो गया। तेज हवाओं के साथ काले बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई। बचने के लिए परिवार के लोग सुरक्षित जगह की तलाश कर ही रहे थे कि तभी जोरदार गरज के साथ उन पर बिजली गिर गई।
बिजली गिरते ही खेत में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी का इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर रूप से घायल युवती को बचाया नहीं जा सका। उसकी मौत से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
अन्य छह घायलों का इलाज जारी है। इनमें से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
इस मानसून सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से 18 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की है। इनमें राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम, उज्जैन, धार, झाबुआ, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और मंडला जिले शामिल हैं।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं। शिवपुरी में सबसे अधिक 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर और जबलपुर में 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 28 जून तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी 67 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 प्रतिशत दर्ज की गई है।

