छतरपुर, संजय अवस्थी। छतरपुर के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) के न्यायालय ने नाबालिग के साथ बलात्कार करने के गंभीर मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपी संतोष पटेल को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 8,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।


डीपीओ प्रवेश अहिरवार के अनुसार आरोपी संतोष पटेल ने घटना से करीब एक महीने पहले इंस्टाग्राम पर नाबालिग पीडि़ता को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। बातचीत के दौरान उसने पीडि़ता को शादी का झांसा दिया। 1 जुलाई 2025 को जब पीडि़ता के माता-पिता एक निमंत्रण में गए थे और वह घर पर अकेली थी, तब दोपहर करीब 1 बजे आरोपी जबरन उसके घर में घुस आया और उसके साथ बलात्कार किया। पीडि़ता के चिल्लाने पर जब उसके परिजन वहां पहुंचे, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकला।


पीडि़ता की शिकायत पर महिला थाना छतरपुर में भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तरीय समिति द्वारा इसे सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में रखा गया था।


अदालत में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रवेश कुमार अहिरवार एवं हेमंत बाजोलिया ने प्रभावी पैरवी की। सभी सबूतों और गवाहों के मद्देनजर न्यायालय ने आरोपी संतोष पटेल को बीएनएस की धारा 332(2) में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000 रुपये अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।