श्योपुर। श्योपुर जिले के चर्चित बाढ़ राहत घोटाले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए 18 पटवारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति दे दी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की मंजूरी के बाद अब इन पटवारियों के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट पेश करने और गिरफ्तारी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
यह मामला वर्ष 2021 की भयावह बाढ़ के बाद दी गई राहत राशि के गबन से जुड़ा है। बड़ौदा थाने में दर्ज प्रकरण में कुल 110 लोग आरोपी हैं, जिनमें राजस्व विभाग के 18 पटवारी मुख्य रूप से शामिल हैं। जांच में सामने आया कि 794 असली प्रभावित किसानों की राहत राशि अपात्र लोगों के 127 खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी।
चिन्हित पटवारियों में मेवाराम, हेमंत, राजकुमार, महेंद्र, सुमित, योगेश, विनोद, अखिलेश, भोलाराम, हुकुमचंद, राजवीर, बृजराज, रामनरेश, रामदयाल, सोनेराम, नीतेश, संजय और शंकरलाल शामिल हैं। इन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
घोटाले का खुलासा ऑडिट के दौरान हुआ जब पाया गया कि 960 हकदार किसानों में से 794 असली पीड़ितों को राहत राशि नहीं पहुंचाई गई। इसके बजाय करोड़ों रुपये ऐसे 87 लोगों के खातों में डाल दिए गए जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के भी नहीं थे। ऑडिट रिपोर्ट में फर्जी प्रविष्टियां और आपराधिक साजिश के ठोस साक्ष्य मिले थे।
पुलिस जांच में राजस्व विभाग के जमीनी अमले की मिलीभगत सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने इन पटवारियों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी थी। कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा स्वीकृति दिए जाने के बाद अब इस घोटाले में शामिल पटवारियों पर कानूनी कार्रवाई तेज हो जाएगी।

