भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून का सिस्टम बहुत मजबूत है, जिसके कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सतना जिले की है, जहां लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। वहीं, चित्रकूट में बहने वाली मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है। नदी का पानी आसपास के रहवासी इलाकों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


चित्रकूट के रामघाट में डूबीं सैकड़ों दुकानें और होटल

लगातार बारिश का सबसे भयानक असर चित्रकूट के रामघाट इलाके में देखने को मिल रहा है। मंगलवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद घाट किनारे स्थित करीब 400 दुकानें पूरी तरह पानी में डूब गईं। इसके साथ ही लगभग 20 से 25 होटल भी इस बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। घाट और आसपास के कई हिस्सों में पानी भर जाने से स्थानीय कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और आम लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि फिलहाल बारिश का यह दौर थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं और जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।


सतना जिले में स्कूल-कॉलेज बंद, प्रशासन हुआ सतर्क

सतना जिले में बिगड़ते मौसम और जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों में 2 और 3 सितंबर की छुट्टी घोषित कर दी गई है। लगातार बारिश के कारण जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव के साथ बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने से बच रहा है और हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है।


मौसम विभाग का अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए आने वाले 24 घंटों को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां कुछ स्थानों पर 4 इंच से ज्यादा पानी गिरने की आशंका है। इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि लगातार बारिश से छोटे नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा है।


भोपाल समेत पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी होगी झमाझम

पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी बारिश का असर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल और हरदा में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। साथ ही ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी झमाझम बारिश का दौर बना रहेगा।


बंगाल की खाड़ी के मजबूत सिस्टम से हो रही है बारिश

मध्य प्रदेश में अचानक बढ़े इस बारिश के दौर के पीछे मौसम के कई सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय है। इसके अलावा प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है और ऊपरी हिस्से में भी मानसून ट्रफ पूरी तरह सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेशभर में भारी मात्रा में नमी पहुंच रही है, जिससे अगले कुछ दिनों तक यह बारिश का दौर इसी तरह जारी रहने की संभावना है।


अगले चार दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश यानी सतना, चित्रकूट और आसपास के इलाकों में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहेगा। इसके बाद 3 सितंबर को यह सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा, जिसका प्रभाव भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग में दिखाई देगा। 4 और 5 सितंबर को इस सिस्टम का मुख्य जोर पश्चिमी मध्य प्रदेश पर होगा, जहां भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज बारिश होने की संभावना है। नदी-नालों के आसपास और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को अगले चार दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।