नई दिल्ली, 25 सितंबर । भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय पत्र सौंपा। इससे पहले वे जापान में यूरोपीय संघ के राजदूत के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
राजदूत एरिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ अपनी तस्वीर साझा की। एरिक ने पोस्ट में लिखा, ''भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने अपना परिचय-पत्र पेश करना मेरे लिए सम्मान की बात है। व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और रिसर्च एवं इनोवेशन (आरएंडआई) जैसे क्षेत्रों में रिश्ते तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण और उत्साह भरे समय में भारत में यूरोपीय संघ (ईयू) का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे गर्व है। हमारी साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर सहयोग करने और काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।''
राष्ट्रपति भवन ने 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यूरोपीय संघ के राजदूत जीन-एरिक पाकेट से परिचय पत्र स्वीकार किए।"
भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी व्यापार, रक्षा और सुरक्षा तथा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में प्रगति कर रही है। एरिक भारत में यूरोपीय संघ के राजनयिक प्रतिनिधि के तौर पर भारत-ईयू संबंधों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यूरोपीय आयोग में व्यापार से जुड़े नीतिगत क्षेत्रों, रिसर्च और इनोवेशन, ट्रांसपोर्ट, ग्रीन पॉलिसी और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ी कई वरिष्ठ जिम्मेदारियां संभाली हैं।
इससे पहले एरिक 2018 से 2022 के बीच वे 'यूरोपीय आयोग' में रिसर्च एंड इनोवेशन के डायरेक्टर-जनरल रहे। 2004 से 2007 तक वे मॉरिटानिया में ईयू के राजदूत/प्रतिनिधिमंडल प्रमुख रहे। यूरोपीय संघ ने बताया कि पैकेट ने भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को '21वीं सदी के सबसे अहम रिश्तों' में से एक बताया।
उन्होंने बदलती वैश्विक आर्थिक, तकनीकी और भू-राजनीतिक स्थितियों के बीच इस साझेदारी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्रों में अभूतपूर्व तेजी के साथ ऐसे बदलाव वाले दौर में भारत में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात है। हमारा साझा एजेंडा सिर्फ उम्मीदों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ठोस प्रतिबद्धता है, जो दोनों तरफ के नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर, इनोवेशन, समृद्धि और मजबूती को बढ़ावा देगा।











