नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि केरल के विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट पर 18 अगस्त से सीधे एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (एग्जिम) कार्गो का आवागमन शुरू हो जाएगा। यह पोर्ट के इंटरनेशनल ट्रांसशिपमेंट हब से भारत के विदेशी व्यापार के गेटवे बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर थरूर ने इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए कहा, "सीधे एग्जिम कार्गो आवाजाही की शुरुआत एक अहम पड़ाव होगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केरल को अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह से सीधे आर्थिक लाभ मिलना शुरू हो। इस इलाके के सांसद के तौर पर, मैं इस खबर से बहुत खुश हूं।"
थरूर ने कहा, "विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट अब तक सिर्फ ट्रांसशिपमेंट का काम ही संभाल रहा था। यहां हैंडल किए जाने वाले लगभग 60 फीसदी कंटेनर दूसरे देशों से आने वाले या दूसरे देशों को जाने वाले होते थे।"
इसके अलावा, मुख्यमंत्री वी.डी.सतीशन औपचारिक रूप से एग्जिम (आयात-निर्यात) कामकाज की शुरुआत का उद्घाटन करेंगे। इस शुरुआत के साथ विझिनजम भारतीय आयातकों और निर्यातकों के लिए कार्गो को हैंडल करना शुरू कर देगा, जिससे देश के समुद्री क्षेत्र में इसकी व्यावसायिक भूमिका काफी बढ़ जाएगी। इससे पहले कोच्चि में कस्टम्स कमिश्नर (प्रिवेंटिव) ने गेटवे कार्गो कामकाज शुरू करने के लिए विस्तृत ऑपरेशनल फ्रेमवर्क जारी किया था।
तिरुवनंतपुरम के पास स्थित यह पोर्ट भारत के सबसे गहरे पानी वाले पोर्ट्स में से एक है और इसे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के तौर पर विकसित किया गया है।
सीधे एग्जिम (आयात-निर्यात) ऑपरेशन से केरल और आसपास के इलाकों के बिजनेस को इंटरनेशनल शिपिंग सर्विस तक बेहतर पहुंच मिलने और ग्लोबल मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में राज्य की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। नई गेटवे कार्गो सर्विस के ऑपरेशनल फ्रेमवर्क में कस्टम्स और कार्गो-हैंडलिंग प्रक्रियाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की व्यवस्था है।
शुरुआती चरण में आयात ऑपरेशन मुख्य रूप से फुल-कंटेनर-लोड कार्गो की सीधे पोर्ट डिलीवरी पर केंद्रित होंगे, जबकि निर्यात में फैक्ट्री-स्टफ्ड और सीलबंद फुल-कंटेनर-लोड कंसाइनमेंट शामिल होंगे।




