कोलकाता। पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में बुधवार को नया साइनबोर्ड लगाया गया। यह कदम राज्य सरकार द्वारा मंदिर परिसर के आधिकारिक नाम में बदलाव की घोषणा के एक दिन बाद उठाया गया।नए साइनबोर्ड में "धाम" शब्द को हटाकर उसकी जगह सांस्कृतिक केंद्र लिखा गया है। मंदिर परिसर के भीतर श्री श्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर नाम का फ्लेक्स बोर्ड स्थापित किया गया।
दीघा के इस मंदिर को "जगन्नाथ धाम" कहे जाने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। हालांकि आधिकारिक दस्तावेजों में इस परिसर को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार ने मंदिर निर्माण के बाद इसके नाम के साथ "धाम" शब्द जोड़ दिया था।
इस मुद्दे पर उस समय विपक्ष के नेता रहे सुवेंदु अधिकारी ने भी आपत्ति जताई थी।
राज्य में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि दीघा के जगन्नाथ मंदिर को अब उसी नाम से जाना जाएगा, जो आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज है।
संशोधित नाम के बाद अब इस परिसर को "श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र" कहा जाएगा, न कि "जगन्नाथ धाम"।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को यह घोषणा मोहन चरण माझी द्वारा दिए गए प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद की थी।
घोषणा के अगले ही दिन मंदिर परिसर में नए नाम वाला फ्लेक्स बोर्ड लगा दिया गया। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहले "जगन्नाथ धाम" लिखा हुआ साइनबोर्ड लगा था, जिसे अब हटा दिया गया है।
उसकी जगह मंदिर परिसर के भीतर "श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र" नाम का नया बोर्ड स्थापित किया गया है।
इस कार्यक्रम के दौरान रामनगर के भाजपा विधायक चंद्रशेखर मंडल और कोलकाता के इस्कॉन अध्यक्ष राधार्मन दास, जो दीघा जगन्नाथ मंदिर के न्यासियों में से एक हैं, उपस्थित थे।
विधायक ने कहा, "हमें बदलाव नहीं चाहिए, हमें सुधार चाहिए। हमारी सरकार ने पिछली सरकार की परियोजना को रद्द नहीं किया, बल्कि उसमें सुधार किया है। इसी तरह, दीघा जगन्नाथ धाम को लेकर कई विवादों के चलते, इसके नाम से 'धाम' हटाकर इसे 'दीघा जगन्नाथ मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र' कर दिया गया है।"




