नौगांव। नगर के प्रतिष्ठित चिकित्सक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक एवं लोकतंत्र सेनानी डॉ. गोकर्ण दास जायसवाल का 91 वर्ष की आयु में सोमवार सुबह उनके निज निवास पर निधन हो गया। उनके निधन से नगर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। मंगलवार को उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में नगरवासी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, व्यापारी, पत्रकार एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता शामिल हुए। तहसीलदार रमेश कौल ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं पुलिस बल द्वारा तिरंगा सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी गई।
इस अवसर पर थाना प्रभारी संजय राय, मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सोनकिया, लोकतंत्र सेनानी राजेंद्र दीक्षित, वीरेंद्र रिछारिया, संघ के भालचंद्र नातू, आशीष तांब्रकार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पुत्र डॉ. अजीत जायसवाल ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
डॉ. गोकर्ण दास जायसवाल एक प्रतिष्ठित चिकित्सक होने के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रहित के कार्यों में भी सक्रिय रहे। उनके पिता स्वर्गीय गजाधर प्रसाद जायसवाल स्वतंत्रता पूर्व काल से होम्योपैथिक चिकित्सा के माध्यम से लोगों की सेवा करते थे। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉ. जायसवाल ने वर्ष 1962 में एएमबीएस की उपाधि प्राप्त कर आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक चिकित्सा के माध्यम से हजारों लोगों का उपचार किया।
वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में तहसील संचालक के दायित्व पर भी रहे। वर्ष 1975 में लागू आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए जेल गए थे, जिसके कारण उन्हें लोकतंत्र सेनानी के रूप में सम्मान प्राप्त था। उनके निधन को नगर की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
परिवार में पुत्र अजय जायसवाल, डॉ. अजीत जायसवाल सहित भतीजे ब्रजमोहन एवं आलोक जायसवाल हैं। नगरवासियों ने दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।

