पन्ना। पन्ना जिले में दूध की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। बृजपुर थाना क्षेत्र स्थित एक डेयरी में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापामार कार्रवाई के दौरान मिल्क चिलिंग मशीन (दूध ठंडा करने वाले टैंक) में रखे लगभग 900 लीटर दूध में मरी हुई मक्खियां और भारी गंदगी पाई गई। यह मंजर देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई। अधिकारियों ने मौके से दूध के नमूने (सैंपल) लेकर राज्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं और डेयरी संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजेश राय ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री (CM) हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत और प्रदेशव्यापी खाद्य निरीक्षण अभियान के तहत अंजाम दी गई। टीम जब 'पूजा दुग्ध डेयरी' पहुंची, तो वहां स्वच्छता और सफाई की स्थिति बेहद दयनीय मिली। निरीक्षण के दौरान दूध के भंडारण और रखरखाव में गंभीर लापरवाही उजागर हुई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि चिलिंग मशीन में रखा दूध पूरी तरह असुरक्षित था। दूध के भीतर सैकड़ों मरी हुई मक्खियां और कचरा तैर रहा था, जिससे आम उपभोक्ताओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता था। विभाग ने तत्काल दूध के दो नमूने लेकर सील किए और परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजे। साथ ही पूरी कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया गया।
पहले भी दी गई थी चेतावनी, अब कानूनन कस सकता है शिकंजा
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, संबंधित डेयरी संचालक को पूर्व में भी स्वच्छता और मानक बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद दोबारा गंभीर अनियमितता पाए जाने पर अब खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा-32 के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डेयरी संचालक सुरेश कुमार साहू को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजेश राय ने दो टूक शब्दों में कहा कि "दूध जैसी दैनिक उपयोग की अति आवश्यक खाद्य सामग्री में इस प्रकार की गंदगी मिलना अक्षम्य अपराध है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आते ही नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र के नागरिकों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दूध सीधे मासूम बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के आहार से जुड़ा विषय है, इसलिए जिले की सभी डेयरियों की नियमित जांच और कड़ा निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।




