सागर, जीशान खान। सीमांकन संबंधी कार्य के एवज में किसान से 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगना राजस्व निरीक्षक को भारी पड़ गया। लोकायुक्त पुलिस सागर ने परसोरिया मंडल के राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पुरानी तहसील स्थित राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी कक्ष में की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कर्रापुर निवासी लखन सिंह (62) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी कृषि भूमि के सीमांकन, नक्शा एवं फील्ड बुक तहसील कार्यालय में जमा कराने के लिए राजस्व निरीक्षक द्वारा 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद 22 जुलाई को लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। गुरुवार को शिकायतकर्ता को पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार पुरानी तहसील कार्यालय भेजा गया। लोकायुक्त टीम पहले से सादी वर्दी में आसपास मौजूद थी। जैसे ही राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई ने शिकायतकर्ता से 7 हजार रुपए की राशि स्वीकार की, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर रिश्वत की राशि जब्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई।
तहसील कार्यालय में दिनभर चर्चा
कार्रवाई की सूचना मिलते ही तहसील कार्यालय में कर्मचारियों और आम लोगों की भीड़ लग गई। लोकायुक्त अधिकारियों ने घटनास्थल पर दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की। इस कार्रवाई के बाद पूरे राजस्व महकमे में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
डीजी लोकायुक्त के निर्देश पर कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप टीम का नेतृत्व निरीक्षक रंजीत सिंह एवं निरीक्षक रोशनी जैन ने किया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
राजस्व विभाग आम नागरिक और किसान से सीधे जुड़ा विभाग है। सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे जैसे मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश है, लेकिन इसके साथ ही विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करना और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।




