दतिया। दतिया विधानसभा उप-निर्वाचन 2026 के लिए चल रहा शोरगुल भरा चुनाव प्रचार मंगलवार शाम 6 बजे पूरी तरह थम गया है। प्रचार की समय-सीमा समाप्त होते ही जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। आगामी 30 जुलाई को होने वाले मतदान को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी, भयमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे दतिया जिले को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।


भैरव मंदिर से पुलिस लाइन तक विशाल फ्लैग मार्च, असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी

प्रचार बंद होते ही मतदाताओं के बीच सुरक्षा का अटूट विश्वास जगाने और चुनाव में गड़बड़ी की मंशा रखने वाले असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से शहर में एक विशाल फ्लैग मार्च निकाला गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े तथा पुलिस अधीक्षक (SP) मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में यह रूट मार्च भैरव मंदिर से प्रारंभ हुआ।


भारी पुलिस बल और सुरक्षा जवानों का यह काफिला तिगैलिया, टाउन हॉल, बड़ा बाजार, पटवा तिराहा, किला चौक, दारूगर की पुलिया, बिहारी जी मंदिर, राजगढ़ चौराहा, सीता सागर, पुरानी कलेक्ट्रेट, सिविल लाइन और झांसी चुंगी पुल से होते हुए पुलिस लाइन पहुँचकर संपन्न हुआ। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक व वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


होटल-ढाबों की सघन तलाशी, बाहरी लोगों को जिला छोड़ने का अल्टीमेटम

जिला दंडाधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं कि मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व (28 जुलाई शाम 6 बजे से) चुनाव प्रचार के लिए जिले में बाहर से आए राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सभी बाहरी व्यक्तियों को तत्काल दतिया जिले की सीमा छोड़नी होगी।


एसपी मयूर खंडेलवाल के कड़े निर्देशों पर शहर के होटलों, ढाबों, लॉज और धर्मशालाओं की चेकिंग के लिए 4 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें वहां ठहरे हुए सभी व्यक्तियों के पहचान दस्तावेजों का बारीकी से सत्यापन कर रही हैं और अकारण रुके हुए बाहरी लोगों को मतदान पूर्ण होने तक जिले की सीमा से बाहर खदेड़ रही हैं।


12 अंतर्राज्यीय नाकों पर नाकाबंदी, कंट्रोल रूम में 24 घंटे निगरानी

जिले की भौगोलिक सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए 12 अंतर्राज्यीय नाके (चेक पोस्ट) स्थापित किए गए हैं। विशेष रूप से पहूज नदी स्थित धमना अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट पर सरसई थाना पुलिस द्वारा चौबीसों घंटे (24x7) सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अवैध नकदी, शराब, हथियार और किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री के परिवहन को रोकने के लिए गुजरने वाले हर छोटे-बड़े वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है।


इसके साथ ही चुनाव से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या सूचना के त्वरित निवारण के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में 'राउंड द क्लॉक' कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।


सेक्टर अधिकारियों को कड़े निर्देश: 'ड्यूटी में लापरवाही की तो गिरेगी गाज'

चुनाव तैयारियों की अंतिम समीक्षा के लिए सामान्य प्रेक्षक विजय भारती, कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और एसपी मयूर खंडेलवाल ने सेक्टर अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की एक अहम संयुक्त बैठक ली। सामान्य प्रेक्षक ने कहा कि प्रभावी कम्यूनिकेशन (संचार) ही किसी भी सफल चुनाव प्रबंधन की मुख्य कुंजी है।


कलेक्टर ने सेक्टर अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि स्ट्रांग रूम से ईवीएम (EVM) और मतदान सामग्री की रवानगी से लेकर, मतदान समाप्ति के पश्चात उनकी सुरक्षित वापसी तक, सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी से मुस्तैद रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि जब तक संबंधित पोलिंग पार्टी अपने निर्धारित क्षेत्र से सकुशल रवाना नहीं हो जाती, तब तक कोई भी अधिकारी अपना कार्यस्थल नहीं छोड़ेगा। आदेशों की किसी भी प्रकार की अवहेलना होने पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।