सतना, सजल रजक। सतना में अमकुई सेवा सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह बघेल पर EOW ने शिकंजा कस दिया है सिजहटी स्थित आवास पर 12 घंटे चली छापेमारी के बाद आय से 426 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है वहीं 122 कथित फर्जी किसानों के नाम पर खाद की कालाबाजारी का मामला भी सामने आया है EOW रीवा ने दोनों मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज कर जांच तेज कर दी है
महज 17 लाख 51 हजार की वैध आय लेकिन जांच में सामने आया 92 लाख 16 हजार रुपए का हिसाब ये मामला है सतना जिले की अमकुई सेवा सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह बघेल का शनिवार सुबह 6 बजे सिजहटी स्थित उनके आवास पर पहुंची EOW रीवा की टीम ने शाम 6 बजे तक दस्तावेज खंगाले जांच में जमीन, मकान, सोने के आभूषण और वाहनों से जुड़ी जानकारी सामने आई
EOW के मुताबिक वर्ष 2007 से सितंबर 2025 तक बघेल की वैध आय महज 17.51 लाख रुपए आंकी गई जबकि व्यय 57.68 लाख रुपए पाया गया जांच में 22.50 लाख की जमीन से जुड़े दस्तावेज और 11.97 लाख के स्वर्ण आभूषण भी सामने आए नागौद में 2200 वर्गफीट जमीन पर आलीशान मकान, कार, ट्रैक्टर और दो बाइक की जानकारी मिली है वहीं छह बैंक खातों और छह बीमा पॉलिसियों की जांच अभी बाकी है
मामला सिर्फ आय से अधिक संपत्ति तक सीमित नहीं है खाद वितरण में भी बड़े फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है EOW के अनुसार समिति में 194 किसानों का विवरण दर्ज किया गया था जबकि 122 कथित फर्जी किसानों के नाम पर खाद वितरण में गड़बड़ी का आरोप है वास्तविक किसानों की रसीदों में काट-छांट कर 10 से 20 बोरी अतिरिक्त यूरिया और डीएपी दर्ज करने, ऋण समायोजन और फर्जी स्टॉक रजिस्टर तैयार करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है
फिलहाल EOW ने आय से अधिक संपत्ति और खाद वितरण में कथित कालाबाजारी को लेकर दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं बैंक खातों और बीमा पॉलिसियों की जांच के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है अब सवाल ये है कि किसानों के हक की खाद में कथित हेराफेरी का यह खेल आखिर कब से चल रहा था और जांच में कितने नए खुलासे होंगे!
















