मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई है। इनमें तीन ग्रेजुएट और दो टीचर्स सीटें शामिल हैं। 23 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद 182 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला आज होगा।यह चुनाव सत्तारूढ़ महायुति (भाजपा, शिवसेना और एनसीपी) और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) (शिवसेना-यूबीटी, एनसीपी-शरद पवार और कांग्रेस) के बीच बड़ा सियासी मुकाबला बन गया है। सहयोगियों के बीच आपसी बगावत, दोस्ताना मुकाबले और मजबूत निर्दलीय उम्मीदवारों ने सभी पांच सीटों पर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

पुणे स्नातक सीट पर हाई-प्रोफाइल मुकाबला है। भाजपा की डॉ. स्मिता जाधव और एनसीपी (शरद पवार) की हर्षदा देशमुख जाधव के बीच टक्कर है। यहां 3.88 लाख रजिस्टर्ड वोटर्स में से 62.78 प्रतिशत ने मतदान किया था।

नागपुर स्नातक सीट ऐतिहासिक रूप से भाजपा का गढ़ रही है। यहां मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी (एमवीए/कांग्रेस) और सुधाकर कोहले (महायुति/भाजपा) के बीच मुख्य लड़ाई है। यहां 38 उम्मीदवार मैदान में हैं और 64.76 प्रतिशत मतदान हुआ था।

पुणे शिक्षक सीट में 61,940 रजिस्टर्ड शिक्षक वोटर्स में से 85.87 प्रतिशत ने वोट डाला था। मुख्य मुकाबला मौजूदा विधायक जयंत असगांवकर (कांग्रेस), कौस्तुभ गावड़े (भाजपा) और निर्दलीय सचिन सनप के बीच है।

अमरावती शिक्षक सीट में लगभग 33,000 रजिस्टर्ड शिक्षक वोटर्स में से 91.08 प्रतिशत मतदान हुआ, जो सबसे ज्यादा है। यहां 26 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें शिवसेना के किरण सरनाईक, कांग्रेस की अदिति पोहरे, शिवसेना (यूबीटी) के दत्तात्रय लहाने और समाजवादी गणराज्य पार्टी के सुरेश देवकर शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व विधायक श्रीकांत देशपांडे, भाजपा सांसद अनिल बोंडे की बहन संगीता शिंदे, चंद्रशेखर भोयर और सुमित पवार भी चुनाव लड़ रहे हैं।

छत्रपति संभाजीनगर (मराठवाड़ा) स्नातक सीट पर 58.67 प्रतिशत मतदान हुआ था। महायुति गठबंधन ने तीन बार के मौजूदा एमएलसी सतीश चव्हाण को फिर से एनसीपी के टिकट पर उतारा है। एमवीए की तरफ से शरद पवार वाली एनसीपी ने डॉ. प्रताप सिंह पाटिल को मैदान में उतारा है जबकि शिवसेना (यूबीटी) ने दिलीप घोरगे को उतारा है, जिसके कारण एक ही सीट पर एमवीए के दो उम्मीदवार आपस में लड़ रहे हैं।