गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का सत्र मंगलवार को गैरसैंण में शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार पहले दिन लगभग 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करेगी। दो दिवसीय सत्र में वित्तीय प्रस्तावों, विधायी कार्यों और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी हो सकती है।

सरकार इस सत्र में पूरक बजट के साथ-साथ आठ विधेयक भी पेश करने जा रही है, जिससे वित्तीय और विधायी मामले कार्यवाही के मुख्य केंद्र बिंदु होंगे। सदन पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि भी देगा।

कुल 31 विधायकों ने इस सत्र के लिए 445 सवाल जमा किए हैं, जिनमें उन्होंने जनता और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगे हैं। इन सवालों के जरिए कई महत्वपूर्ण मामले सदन में उठने की उम्मीद है, जहां विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों और पूरे राज्य को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे दो दिवसीय सत्र के सुचारू संचालन के लिए अपना सहयोग दें।

सत्र से पहले सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस ने अपनी-अपनी रणनीतियों पर चर्चा करने और कार्यवाही की तैयारी के लिए आंतरिक बैठकें की।

ये दल उन मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, जिन्हें वे सदन में उठाना चाहते हैं। खासकर वे मुद्दे जो शासन, जन कल्याण और राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं से जुड़े हैं। कांग्रेस 'बिजनेस एडवाइजरी कमेटी' (कार्य सलाहकार समिति) की बैठक में शामिल नहीं हुई।

इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में भाजपा विधायक दल की एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विधानसभा सत्र की तैयारियों पर चर्चा की गई।

इस बैठक में मंत्री और विधायक शामिल हुए, जिन्होंने सदन की कार्यवाही और दो दिवसीय सत्र के दौरान उठने वाले संभावित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने 'एक्स' पर लिखा, "इस दौरान सदन की कार्यवाही, जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और राज्य के विकास तथा जन कल्याण से संबंधित विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।"

वहीं, कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और स्थानीय चिंताओं सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। विपक्ष विधानसभा के आसपास विरोध प्रदर्शन करने की भी योजना बना रहा है, ताकि इन मामलों को संभालने में सरकार की प्रमुख कमियों को उजागर किया जा सके।