भोपाल, 30 मई । मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की हुई बैठक में इस वर्ग से जुड़ी समस्याओं पर मंथन हुआ। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बैठक में फैसला दिया गया है कि आदिवासी हितों की लड़ाई कांग्रेस जमीनी स्तर पर लड़ेगी। भोपाल में स्थित कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय इंदिरा भवन में आदिवासी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी एवं जिला अध्यक्षों की संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के आदिवासी समाज से जुड़े समसामयिक मुद्दों, उनके संवैधानिक अधिकारों, जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा तथा उनके साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध संगठनात्मक संघर्ष को और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में तय किया गया है कि आदिवासी समाज की आवाज़ को हर स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा तथा उनके सम्मान, अधिकारों और न्याय की लड़ाई पूरी शक्ति एवं प्रतिबद्धता के साथ लड़ी जाएगी।

इस बैठक की जानकारी देते हुए पटवारी ने बताया कि इस बैठक में संकल्प लिया गया है कि जल, जंगल और जमीन का मूल मालिक आदिवासी समाज है। आदिवासी हितों की लड़ाई कांग्रेस जमीनी स्तर पर लड़ेगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार,कांग्रेस वर्किंग कमेटी के मेंबर कमलेश्वर पटेल और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में आदिवासी लड़ाई की रणनीति तैयार होगी।

आदिवासी वर्ग पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि आदिवासी महिलाओं पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, सुखदेव पांसे, पी.सी. शर्मा, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, समस्त प्रकोष्ठ एवं विभागों के प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान सहित अनेक वरिष्ठ विधायकगण एवं नेता उपस्थिति रहे।