दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के अंतिम चरण में राजनीतिक माहौल अचानक उस वक्त गर्मा गया, जब दतिया राजपरिवार के बीच चल रहा अंदरूनी विवाद सार्वजनिक रूप से सामने आ गया। मंगलवार को आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान राजपरिवार के रिश्तेदार हेमलता और राहुल देव सिंह ने मीडिया के सामने आकर कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह पर दतिया राजपरिवार की मर्यादाओं, गरिमा और प्राचीन परंपराओं का घोर उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
'चुनाव केवल सीट का नहीं, दतिया की ऐतिहासिक प्रतिष्ठा और गौरव से जुड़ा प्रश्न'
पत्रकारों से बातचीत करते हुए हेमलता और राहुल देव सिंह ने स्पष्ट किया कि यह उपचुनाव महज एक विधानसभा सीट जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दतिया की ऐतिहासिक प्रतिष्ठा, सांस्कृतिक विरासत, गौरव और राज परंपराओं के सम्मान की रक्षा से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील चुनाव है।
हेमलता ने भावुक होकर कहा कि 4 नवंबर 2020 का दिन दतिया राजपरिवार के इतिहास का सबसे दुखद और काला पन्ना था। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि संपत्ति विवाद के दौरान उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया तथा उन्हें व पृथ्वीराज को उनकी पैतृक संपत्ति से बेदखल करने की कोशिश की गई थी।
डराने-धमकाने का आरोप, राहुल देव सिंह ने कहा- 'राज्याभिषेक की परंपराओं का हुआ बहिष्कार'
मीडिया के समक्ष हेमलता ने दावा किया कि जब वे राहुल देव सिंह के निवास पर पहुँची थीं, तब भी उन्हें डराने, धमकाने और नीचा दिखाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि उस संकट के समय में केवल राहुल देव सिंह ने ही राजपरिवार के मान-सम्मान और मर्यादा की रक्षा की थी।
वहीं, राहुल देव सिंह ने आरोप लगाया कि उनके राज्याभिषेक के अवसर पर राजपरिवार की सदियों पुरानी परंपराओं का बहिष्कार किया गया और अभद्र भाषा का प्रयोग कर कुल की प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुँचाई गई थी।
हेमलता का दावा: 'दस्तावेज मौजूद हैं, जनता भ्रम में न आए'
हेमलता ने जोर देकर कहा कि संपत्ति विवाद से जुड़े सभी प्रमाणिक दस्तावेज उनके पास सुरक्षित उपलब्ध हैं, जो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई को उजागर करते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने स्वयं के परिवार की मर्यादा और सम्मान की रक्षा नहीं कर सका, वह दतिया की आम जनता के सम्मान और अधिकारों की रक्षा कैसे कर पाएगा।
मतदाताओं से अपील: दतिया की गरिमा और विकास के पक्ष में करें मतदान
पत्रकार वार्ता के अंत में राजपरिवार के दोनों सदस्यों ने दतिया के मतदाताओं से पुरजोर आग्रह किया कि यह चुनाव दतिया के विकास, स्वाभिमान और गौरवशाली परंपराओं को बचाने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या बहकावे में न आएँ और दतिया की गरिमा, संस्कृति तथा विकास के पक्ष में ही अपने मताधिकार का प्रयोग करें।




