इंदौर। इंदौर में सोमवार तड़के कमिश्नरेट पुलिस ने ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ा सीक्रेट ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच और छह थानों की पुलिस टीमों ने अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी की, जिससे शहर में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक, पूरे ऑपरेशन की कमान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के हाथ में थी। कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया, ताकि किसी भी आरोपी को पहले से भनक न लग सके। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने सबसे पहले द्वारकापुरी क्षेत्र में रहने वाली कथित लेडी ड्रग माफिया अलका दीक्षित को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस की दूसरी टीम ने उसके बेटे जयदीप को अहिरखेड़ी इलाके से पकड़ा। दोनों से ड्रग्स नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।


ऑपरेशन के दौरान एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया की टीम ने प्रधान आरक्षक विनोद के घर पर भी छापा मारा। विनोद पहले लंबे समय तक क्राइम ब्रांच में पदस्थ रह चुका है और वर्तमान में इंटेलिजेंस शाखा में तैनात बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके घर से मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान परिवार की ओर से विरोध भी किया गया, लेकिन पुलिस जांच में जुटी रही। पुलिस ने सभी संदिग्धों से अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन में शामिल टीमों को भी सीमित जानकारी ही दी गई थी। पूरे अभियान की निगरानी पुलिस कमिश्नर और एडिशनल पुलिस कमिश्नर लगातार कर रहे थे।


पुलिस की एक टीम रात में ही पीथमपुर भी पहुंची, जहां से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। इन लोगों से फिलहाल खजराना थाना क्षेत्र में पूछताछ की जा रही है। इंदौर पुलिस की यह कार्रवाई शहर में ड्रग्स कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पिछले कुछ समय से युवाओं में बढ़ती नशे की लत और ड्रग्स मामलों को लेकर चिंता बढ़ रही थी। ऐसे में पुलिस की यह सख्त कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।फिलहाल पुलिस जब्त किए गए मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।