नई दिल्ली। देश की राजनीति में अब तक आपने कई बड़ी पार्टियों और उनके कड़े मुकाबलों को देखा होगा, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया के गलियारों में एक ऐसा नया ट्रेंड आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम के एक पेज और ट्रेंड ने ऐसा धमाल मचाया है कि यह बीजेपी, कांग्रेस, बसपा, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी जैसी स्थापित और धुरंधर पार्टियों को भी फॉलोवर्स की रफ्तार के मामले में पीछे छोड़ती नजर आ रही है।


इंटरनेट पर यह पार्टी चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन चुकी है और लोग मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि अब देश में मुख्यधारा की राजनीति नहीं, बल्कि कॉकरोच ट्रेंड कर रहे हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर इस काल्पनिक और तीखे ऑनलाइन व्यंग्यात्मक आंदोलन के पोस्ट, मजेदार मीम्स और अनोखे कंटेंट ने युवाओं का ध्यान तेजी से अपनी ओर खींचा है। इसका क्रेज इस कदर बढ़ गया है कि इसके फॉलोवर्स बढ़ने की गति मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के आधिकारिक पेजों से भी तेज हो गई है। डिजिटल दौर में जहाँ पार्टियां करोड़ों रुपये खर्च करके बड़े-बड़े आईटी सेल चलाती हैं, वहीं इस अनोखे ट्रेंड ने केवल अपने मजेदार और व्यंग्यात्मक अंदाज से इंटरनेट पर कब्जा कर लिया है।


लॉन्च होते ही इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर अभूतपूर्व और विस्फोटक डिजिटल ग्रोथ मिली। जहां इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स का आंकड़ा तेजी से बढ़ते हुए 90 लाख से लेकर 15.6 मिलियन के पार पहुंच गया, जो कि देश के सभी राजनैतिक दलों से ज्यादा है। कांग्रेस 13.3 मिलियन फॉलोवर्स के साथ इस प्लेटफॉर्म पर दूसरे नंबर है पर है जबकि भारतीय जनता पार्टी 8.8 मिलियन फॉलोवर्स के साथ डिजिटल दुनिया में तीसरे नंबर पर है। इनके अलावा आम आदमी पार्टी 1.9 मिलियन फॉलोवर्स के साथ युवाओं के बीच सक्रिय है, तो उत्तर प्रदेश की मुख्य क्षेत्रीय पार्टी समाजवादी पार्टी करीब 8 लाख 72 हजार फॉलोवर्स के साथ डिजिटल स्पेस में अपने पैर पसार रही है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी फिलहाल 83.5 हजार फॉलोवर्स के साथ इस सोशल मीडिया रेस में थोड़ा पीछे चल रही है।


भले ही यह आंदोलन एक मीम और मजाक के रूप में शुरू हुआ हो, लेकिन इसके मंच से युवाओं ने देश के बेहद गंभीर और वास्तविक मुद्दों को हवा दी है। इस डिजिटल मोर्चे के माध्यम से देश में बेरोजगारी, सरकारी परीक्षाओं में होने वाली देरी, पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर कड़ा तंज कसा गया है। इसके साथ ही इस आंदोलन से जुड़ी मुख्य मांगों में शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार, मीडिया की जवाबदेही, नेताओं के दल-बदल पर रोक, सूचना के अधिकार (RTI) को मजबूत करना और महिलाओं के लिए राजनीति व अन्य क्षेत्रों में 50% आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं, जिससे यह सिर्फ एक मजाक न रहकर व्यवस्था के खिलाफ युवाओं की गहरी नाराजगी का एक बड़ा प्रतीक बन गया है।