बड़वानी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शरद पूर्णिमा के साथ शुरू हुए दीपावली उत्सव के मौके पर सभी से सद्भावना और सत्कर्मों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया । मुख्यमंत्री यादव ने सोमवार सुबह बड़वानी जिले के जामली (सेंधवा) के गायत्री धाम में गायत्री परिवार के सदस्यों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने योग, आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक विचारों और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को सद्भावना एवं सत्कर्मों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि शरद पूर्णिमा के साथ आज से वास्तव में दीपावली का शुभारंभ हो गया है। परमात्मा ने हम सभी के मन में जो दीप प्रज्ज्वलित किया है, वह जीवन भर ऊर्जा का स्रोत बना रहे। हमारा शरीर जब तक साथ दे, तब तक हमारे हाथों से सत्कर्म होते रहें, मन में सद्भावना बनी रहे और दुर्विचार समाप्त हों। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मनुष्य का जन्म लेना और जीवन यात्रा पूर्ण करना, सब ईश्वर की कृपा से निर्धारित समय का हिस्सा है। महाकाल, भगवान श्रीकृष्ण और मां गायत्री की कृपा से हमें जो जीवन मिला है, उसका अधिकतम सदुपयोग करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के समय का श्रेष्ठतम उपयोग करते हुए अच्छे कार्य करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारतीय दर्शन के प्रसिद्ध वैदिक वाक्य ‘यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जो तत्व हमारे शरीर में विद्यमान हैं, उन्हीं का व्यापक स्वरूप ब्रह्मांड में भी दिखाई देता है। प्रकृति, वनस्पति, पंचतत्व और प्राणतत्व का मानव जीवन में विशेष महत्व है। पंचमहाभूतों के माध्यम से सृष्टि और जीवन की संरचना को समझा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि शरीर से आगे आत्मा की यात्रा का आध्यात्मिक महत्व भी है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि परमात्मा की कृपा से हम सभी को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में आध्यात्मिक चेतना, सद्भावना और सत्कर्मों को अपनाकर समाज एवं राष्ट्र के कल्याण में योगदान देना चाहिए। नशा नाश की जड़ है, इससे दूर रहना ही सुखी एवं सार्थक जीवन का आधार है।
इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार की रात को बड़वानी जिले के ग्राम अजगरिया में शिव पंथ समुदाय द्वारा आयोजित नशामुक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने सभी से नशे के विरुद्ध जनजागरण का संकल्प लेने एवं नशा मुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नशा नाश की जड़ है, इससे दूर रहना ही सुखी एवं सार्थक जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के के संकल्प के अनुरूप वर्ष 2029 तक मध्यप्रदेश को पूर्णतः नशामुक्त बनाने हेतु सरकार प्रतिबद्धता के साथ निरंतर प्रयासरत है।
















