मुंबई। महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बुधवार को सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भविष्य में राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका निभाते देखने की इच्छा व्यक्त की।मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान मोर्चा द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में सीएम फडणवीस की मौजूदगी में बोलते हुए भरणे ने आषाढ़ी एकादशी के शुभ अवसर का जिक्र करते हुए वरिष्ठ नेता के लिए बड़ी भूमिकाओं की ओर इशारा किया।

सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री के योगदान की तारीफ की और कहा कि महाराष्ट्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक भविष्य के लिए अच्छे नेताओं का महाराष्ट्र में बने रहना जरूरी है, लेकिन वे स्वार्थी होकर काम नहीं कर सकते।

उन्होंने आगे कहा कि आज महाराष्ट्र दिल्ली की सत्ता से कुछ दूर है।

भरणे ने कहा कि आने वाली आषाढ़ी एकादशी पर वे भगवान पांडुरंग (विट्ठल) से सच्चे मन से प्रार्थना करेंगे कि 'देवा भाऊ' (देवेंद्र फडणवीस) को सही समय पर देश का नेतृत्व करने का मौका मिले।

यह कार्यक्रम 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी योजना' की घोषणा के बाद सीएम फडणवीस के सम्मान में आयोजित किया गया था।

भरणे ने गठबंधन के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि इस महत्वपूर्ण नीति की जानकारी असली लाभार्थियों तक पहुंचे।

राहत पैकेज के दायरे पर जोर देते हुए भरणे ने बताया कि राज्य की हालिया ऋण माफी योजना से पूरे महाराष्ट्र में 56 लाख से ज्यादा किसानों को सीधा फायदा होगा। सरकार 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंप सेटों के लिए हर साल लगभग 25,000 करोड़ रुपए की मदद दे रही है।

पिछले साल बेमौसम बारिश और बाढ़ से फसलों को हुए भारी नुकसान का जिक्र करते हुए भरणे ने जमीनी स्तर पर तुरंत कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस और एनसीपी नेता अजित पवार दोनों की तारीफ की।

मंत्री ने आगे कहा कि सरकार चलाने के लिए बहुत ज्यादा वित्तीय योजना की जरूरत होती है और बातें करना तो आसान है, लेकिन उन्हें लागू करना बहुत मुश्किल काम है।

उन्होंने कहा कि चुनाव न होने के बावजूद, देवेंद्र फडणवीस, सुनेत्रा पवार और एकनाथ शिंदे जैसे नेता किसानों की जिंदगी को फिर से संवारने में मदद के लिए उनके साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने महायुति गठबंधन के कार्यकर्ताओं से आने वाले राजनीतिक दौर से पहले राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सक्रिय रूप से प्रचार करने का आग्रह किया।