कांग्रेस के हंगामे पर मुख्यमंत्री की दो टूक: बोले- विपक्ष के पास जुबानी खर्च के अलावा कुछ नहीं बचा

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भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस द्वारा किए जा रहे हंगामे और आरोपों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। सदन की कार्यवाही के बीच मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब सिबा जुबानी खर्च के और कुछ शेष नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल शोर मचाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहता है, जबकि उनके आरोपों में कोई ठोस तथ्य नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में आरोप-प्रत्यारोप तो चलते हैं, लेकिन कांग्रेस का रवैया केवल विकास कार्यों में बाधा डालने जैसा है।
सकारात्मक राजनीति और लोकतंत्र की सीख
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र की गरिमा का हवाला देते हुए कहा कि पक्ष और विपक्ष दोनों के बीच संवाद होना चाहिए, लेकिन वह संवाद सकारात्मक होना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब चर्चा सकारात्मक होती है, तभी प्रदेश और जनता के हित में अच्छे परिणाम (रिजल्ट) सामने आते हैं। डॉ. यादव ने नसीहत देते हुए कहा कि सदन का समय जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए होना चाहिए, न कि केवल निराधार आरोपों और हंगामे के लिए।
आंकड़ों की मजबूती और सरकार का रिपोर्ट कार्ड
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार पूरी तरह से सकारात्मक सोच के साथ काम कर रही है। उन्होंने बजट और अन्य सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पेश किए गए 'आंकड़े' खुद इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार विकास की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रही है। उनके मुताबिक, आंकड़े उल्लेख करते हैं कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति और बुनियादी ढांचा सुधर रहा है, जिसे विपक्ष पचा नहीं पा रहा है।
जनता की अदालत में दूध का दूध और पानी का पानी
मुख्यमंत्री ने अंत में आत्मविश्वास के साथ कहा कि जनता सब देख रही है और उसके सामने 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोग जानते हैं कि कौन जमीन पर काम कर रहा है और कौन केवल हवा में बातें कर रहा है। मुख्यमंत्री के इस बयान से साफ है कि सरकार आगामी समय में विपक्ष के हर हमले का जवाब विकास के आंकड़ों और अपनी सक्रिय कार्यशैली से देने के लिए पूरी तरह तैयार है।


