नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026 में शामिल होने पहुंचे हुए हैं। 12 सितंबर को ब्रिक्स समिट की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शुक्रवार को अपना संबोधन दिया और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की।दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक से जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति पेजेश्कियन के साथ भारत पहुंचे ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करते नजर आए। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पीएम मोदी से हाथ मिलाया। वहीं भारत की तरफ से इस बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी नजर आए।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा, "मैं इस मीटिंग को अच्छे से होस्ट करने के लिए भारत की सरकार और लोगों को दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं। साथ ही ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने की उनकी कीमती कोशिशों के लिए भारत के प्रधानमंत्री को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। आज प्राइवेट सेक्टर, बिजनेस कंपनियों और एंटरप्रेन्योर्स के प्रतिनिधियों के बीच मौजूद होना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है, जो ब्रिक्स के अंदर सहयोग के विचार को असल आर्थिक हकीकत में बदल सकते हैं।"
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि आज दुनिया अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों का बढ़ता इस्तेमाल, इन सब ने उस आर्थिक माहौल को और जटिल बना दिया है जिसमें देश काम करते हैं। सवाल यह है कि इन चुनौतियों पर ब्रिक्स का क्या जवाब है?
उन्होंने आगे कहा कि हमारा मानना है कि ब्रिक्स की असली ताकत सिर्फ उसके सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था के आकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तब और साफ तौर पर दिखती है जब इन क्षमताओं को व्यापार, निवेश और जॉइंट फाइनेंसिंग के नेटवर्क में बदला जाता है, यानी संभावित सहयोग से असल कामकाज वाले सहयोग की ओर बढ़ना।




