नई दिल्ली। 16वीं ब्रिक्स एनएसए बैठक के दौरान एनएसए अजीत डोभाल और रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु ने अहम बातचीत की। इस दौरान भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, ''एनएसए अजीत डोभाल ने मंगलवार को 16वीं ब्रिक्स एनएसए बैठक के दौरान रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने ब्रिक्स के तहत चल रहे आपसी सहयोग पर चर्चा की, जिसमें रूस की ओर से दिए गए कुछ प्रस्ताव भी शामिल थे।''

प्रवक्ता जायसवाल के अनुसार, दोनों पक्षों ने भारत और रूस के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे सहयोग की प्रगति की भी समीक्षा की। यह सहयोग दोनों देशों के बीच की विशेष और रणनीतिक साझेदारी को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रहा है।

ब्र‍िक्‍स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान एनएसए अजीत डोभाल और वांग यी की भी मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल की प्रगति पर चर्चा की और माना कि संबंध धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

रणधीर जायसवाल ने बताया क‍ि इस बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

शू फेइहोंग की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर जारी बयान के अनुसार, वांग यी ने कहा कि भारत और चीन, दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले दो देशों के रूप में अपने रिश्तों को सिर्फ लंबे समय के नजरिए से ही नहीं, बल्कि वैश्विक दृष्टिकोण से भी देखें और दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाएं।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपने नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को जमीन पर लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। सहयोग के जरिए अपने-अपने विकास और प्रगति को आगे बढ़ाना चाहिए और ग्लोबल साउथ के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज करना चाहिए।

बैठक के दौरान वांग यी ने ब्र‍िक्‍स के रोटेटिंग चेयर (बारी-बारी से अध्यक्ष बनने वाले देश) की जिम्मेदारी निभाने में भारत का समर्थन किया और कहा कि चीन ब्र‍िक्‍स समूह के विकास और विस्तार को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।