दुबई। भारत के युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए पहले वनडे के दौरान आईसीसी आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर आधिकारिक चेतावनी और एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है। यह घटना 14 जुलाई को इंग्लैंड की पारी के आठवें ओवर में हुई, जब बरार ने फील्डिंग के दौरान गेंद उठाकर बल्लेबाज की दिशा में गलत और संभावित रूप से खतरनाक तरीके से फेंक दी।
आईसीसी के अनुसार, बरार ने खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 का उल्लंघन किया है। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी पर या उसके पास अनुचित अथवा खतरनाक तरीके से गेंद फेंकने से संबंधित है।
इस उल्लंघन के बाद बरार के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ दिया गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है। आईसीसी ने बताया कि बरार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी रिची रिचर्डसन द्वारा प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसके कारण मामले में औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
बरार के खिलाफ आरोप ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना और माइक बर्न्स, तीसरे अंपायर सैम नोगज्स्की तथा चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने लगाए थे। आईसीसी के नियमों के अनुसार, लेवल-1 उल्लंघन के मामलों में आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट पॉइंट दिए जा सकते हैं।
आईसीसी की अनुशासनात्मक व्यवस्था के तहत यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट हासिल कर लेता है, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है। दो सस्पेंशन पॉइंट मिलने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट या दो वनडे अथवा दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए निलंबित किया जा सकता है। डिमेरिट पॉइंट 24 महीने तक खिलाड़ी के रिकॉर्ड में बने रहते हैं और उसके बाद स्वतः हटा दिए जाते हैं।




