हांसी। एशियन गेम्स 2026 समाप्त हो चुका है। भारतीय मुक्केबाजों ने एशियाई खेलों में अपना दबदबा साबित किया और कुल 6 पदक जीते। इन 6 पदकों में तीन गोल्ड और तीन ब्रॉन्ज मेडल थे। मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। पदक जीतने के बाद अपने गृह राज्य हरियाणा पहुंचने पर नरेंद्र का स्वागत किया गया।

इस अवसर पर नरेंद्र बेरवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैंने एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लिया और ब्रॉन्ज मेडल जीता। पिछली बार भी, मैंने एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अपनी वेट कैटेगरी, सुपर हैवीवेट में, मैं लगातार दो एशियन गेम्स मेडल जीतने वाला पहला इंडियन बॉक्सर बन गया हूं। मैंने सीधे वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप अगले साल अप्रैल में कजाकिस्तान में होगी, जहां ओलंपिक कोटा स्पॉट के लिए मुकाबला होगा।"

नरेंद्र का अगला लक्ष्य लॉस एंजिल्स में 2028 में होने वाले ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करना और देश के लिए पदक जीतना है।

एशियन गेम्स 2026 में भारत की तरफ से लवलीना बोरगोहेन ने गोल्ड, परवीन हुड्डा ने गोल्ड, अंकुश पंघाल ने गोल्ड, नरेंद्र बेरवाल ने ब्रान्ज, प्रिया घनघस ने ब्रान्ज और कपिल पोखरिया ने ब्रॉन्ज जीता।

एशियन गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन से बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के प्रेसिडेंट अजय सिंह बेहद खुश नजर आए थे।

अजय सिंह ने गेम्स में मुक्केबाजी का अभियान समाप्त होने के बाद आईएएनएस से बात करते हुए कहा था, "यह बहुत गर्व की बात है। हमें लगता है कि भारत इस बार एशियन गेम्स में उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और चीन से आगे नंबर वन पर आया, जिन्हें बॉक्सिंग में बड़ी ताकत माना जाता है। इसलिए, टीम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, और यह बहुत गर्व की बात है। हमें अति आत्मविश्वास का शिकार नहीं होना है और भविष्य में अपनी कमियों को दूर करने पर काम करना है।"

उन्होंने कहा, "पहले कहा जाता था कि भारत सिर्फ लाइट वेट में अच्छा प्रदर्शन करता है, हैवी वेट में नहीं करता। इस बार हमें हैवी वेट में भी मेडल मिला। अंकुश का मेडल 80 किग्रा में आया, 90+ में मेडल आया। इसी तरह हमें आगे भी अपना प्रयास जारी रखना है।"