भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने अपने 47वें स्थापना दिवस को मध्यप्रदेश में बड़े स्तर पर मनाते हुए संगठन विस्तार का स्पष्ट संदेश दिया। इस अवसर पर प्रदेश के 17 जिलों में भाजपा जिला कार्यालयों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित हुआ, जहां से मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्चुअली जुड़कर भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।


कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, जहां मुख्यमंत्री ने पार्टी का ध्वज फहराया। इस दौरान प्रदेश भर के मंत्री, सांसद, विधायक, संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन में संगठन की ताकत, विचारधारा और भविष्य की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।


मजबूत नेतृत्व पर सीएम का जोर

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में देश की सुरक्षा और मजबूत नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब उन देशों की श्रेणी में शामिल हो चुका है, जो अपने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव मजबूत और निर्णायक नेतृत्व के कारण संभव हुआ है।

सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज देश “धुरंधर” नेतृत्व के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय पाकिस्तान द्वारा नकली नोटों के जरिए देश को परेशान किया जाता था, लेकिन अब उस पर भी प्रभावी कार्रवाई हुई है।

उन्होंने कहा कि जब नेतृत्व सक्षम और सामर्थ्यशाली होता है, तो जटिल समस्याओं का समाधान भी संभव हो जाता है। इसी क्रम में उन्होंने भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ रहा है।


भाजपा की विचारधारा ‘अमर’ – सीएम

मुख्यमंत्री ने भाजपा की विचारधारा को “अटल और अमर” बताते हुए कहा कि यह पार्टी फीनिक्स पक्षी की तरह हर चुनौती के बाद और अधिक मजबूत होकर उभरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जो राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं का चरित्र और दर्शन अद्भुत रहा है, जिसने कार्यकर्ताओं के मनोबल को हमेशा ऊंचा रखा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व का उदाहरण देते हुए कहा कि गठबंधन के दौर में भी उन्होंने 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक सरकार चलाई और अपने वादों को पूरा किया।


संगठन विस्तार पर फोकस

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका कार्यकर्ता है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने 17 जिलों में कार्यालय निर्माण की शुरुआत कर दी है और लक्ष्य है कि अगले स्थापना दिवस तक प्रदेश के सभी 52 जिलों में भाजपा के अपने कार्यालय हों।

उन्होंने कहा कि ये कार्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, जिनमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और पुस्तकालय शामिल होंगे। इन पुस्तकालयों में पार्टी की विचारधारा, इतिहास और संगठन से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी, जिससे कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत किया जा सके।

खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा की विचारधारा सहभागिता और समर्पण पर आधारित है, जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने आगे बढ़ाया।


दिवंगत कार्यकर्ताओं के परिजनों का सम्मान

कार्यक्रम का एक भावनात्मक पहलू भी देखने को मिला, जब पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के दिवंगत परिजनों का सम्मान किया गया। पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों को सम्मानित करने के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं मंच से नीचे उतरकर उनके पास पहुंचे। इस पहल ने कार्यकर्ताओं के प्रति पार्टी की संवेदनशीलता को दर्शाया।


17 जिलों में कार्यालय निर्माण का शुभारंभ

प्रदेश के 17 जिलों में भाजपा कार्यालयों के लिए भूमि पहले ही खरीदी जा चुकी थी। स्थापना दिवस के अवसर पर इन सभी स्थानों पर निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इससे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

इन कार्यालयों के निर्माण से न केवल संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए स्थायी मंच भी उपलब्ध होगा, जहां वे नियमित रूप से बैठकें, प्रशिक्षण और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।


‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ की शुरुआत

भाजपा 7 से 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ चलाने जा रही है। इस अभियान के तहत सांसद, विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे।

प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 गांवों का चयन किया गया है, जहां विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में केवल जनसभाएं ही नहीं होंगी, बल्कि पार्टी के पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के घर जाकर उनका सम्मान भी किया जाएगा।


योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद

पार्टी ने निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान कार्यकर्ता केवल भाषण न दें, बल्कि उन लोगों से भी मिलें जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। इन लाभार्थियों के अनुभवों को वीडियो के माध्यम से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा, ताकि सरकार की योजनाओं का वास्तविक प्रभाव सामने आ सके।

इसके साथ ही गांवों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें नेता और कार्यकर्ता स्वयं श्रमदान करेंगे। चौपालों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी।


किसानों और विकास पर भी चर्चा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए समय से पहले तैयारी पूरी कर ली है और किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सिंचाई का रकबा बढ़ाकर लगभग 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया गया है और बिजली आपूर्ति में भी सुधार हुआ है। सरकार का लक्ष्य अंत्योदय के सिद्धांत पर काम करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।


संगठन और सरकार का समन्वय

इस पूरे आयोजन में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की झलक देखने को मिली। एक ओर जहां सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई, वहीं दूसरी ओर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प दोहराया गया।


निष्कर्ष

भाजपा का 47वां स्थापना दिवस मध्यप्रदेश में केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह संगठन विस्तार, वैचारिक मजबूती और जनसंपर्क के नए अभियान की शुरुआत का प्रतीक बनकर उभरा। 17 जिलों में कार्यालयों के भूमिपूजन और ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ के जरिए पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह आगामी समय में जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।