तिरुवनंतपुरम। केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को राज्य में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर एलडीएफ और यूडीएफ सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़ी और वन क्षेत्रों से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को बार-बार होने वाले वन्यजीव हमलों से बचाने में दोनों मोर्चे विफल रहे हैं।
चंद्रशेखर ने कहा कि पिछले दो सप्ताह में ही केरल में वन्यजीव हमलों में पांच लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन राज्य सरकार प्रभावी रोकथाम के उपाय करने में नाकाम रही है। उन्होंने संबंधित विभाग पर बढ़ते खतरे के बावजूद "आपराधिक लापरवाही" बरतने का आरोप लगाया।
उन्होंने सूर्यानेल्ली में हुई मारियम्मल की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों के भय और असुरक्षा को दर्शाती है। मारियम्मल अपने बेटे को स्कूल ले जा रही थीं, तभी जंगली हाथी के हमले में उनकी मौत हो गई। इस हमले में घायल बच्चा अभी भी उपचाराधीन है।
चंद्रशेखर ने कहा, "स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग अब अपने ही गांवों में बिना डर के नहीं रह पा रहे हैं।"
उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्ष 2016 से 2025 के बीच केरल में वन्यजीव हमलों के कारण 1,128 लोगों की मौत हुई और 8,480 लोग घायल हुए। उनके अनुसार, हाथी, बाघ और जंगली सूअरों के हमलों में ही इस अवधि के दौरान 260 लोगों की जान गई।
भाजपा नेता ने कहा कि 2020 से 2025 के बीच हाथियों के हमलों में 102 लोगों की मौत हुई, जबकि 2021 से 2025 के दौरान विभिन्न वन्यजीव हमलों में कुल 344 लोगों की जान गई।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता और व्यापक अधिकार दिए हैं। इनमें सोलर फेंसिंग, सुरक्षा अवरोधक, त्वरित प्रतिक्रिया दल, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और हाथियों के आवागमन गलियारों के प्रबंधन जैसे उपाय शामिल हैं।
हालांकि, चंद्रशेखर का आरोप है कि केरल सरकार उपलब्ध धनराशि और कानूनी प्रावधानों का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाई है। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिजनों को मुआवजा देने में हो रही देरी की भी आलोचना की।
एलडीएफ और यूडीएफ दोनों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए यूडीएफ इस मुद्दे को उठाती रही, लेकिन सत्ता में आने पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वहीं, एलडीएफ के लगभग एक दशक के शासनकाल में भी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
चंद्रशेखर ने सरकार से ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली और रियल-टाइम चेतावनी तंत्र जैसी आधुनिक तकनीकों का तत्काल उपयोग करने की मांग की, ताकि वन्यजीवों को मानव बस्तियों में प्रवेश करने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा, "नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।"

