पटना। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रविवार को कहा कि किसान समृद्ध होंगे, महिलाएं उद्यमी बनेंगी, युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और श्रमिकों के जीवन में खुशहाली आएगी, तभी विकसित बिहार और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि समाज को जातियों में बांटने वाली राजनीति के बजाय सभी वर्गों को एकजुट कर विकास की राह पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। जाति के जहर से नहीं, बल्कि जमात के विकास की लहर से सशक्त बिहार का निर्माण होगा।
विजय कुमार सिन्हा दीपावली के अवसर पर पटना के नौबतपुर स्थित त्रैतपाली मठ में आयोजित किसान संवाद एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद किया और उनके योगदान की सराहना की।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसान की कोई जाति नहीं होती, वे जमात के पुजारी हैं। किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास की मजबूत नींव हैं। कृषि क्षेत्र को मजबूत किए बिना समृद्ध बिहार की कल्पना नहीं की जा सकती। किसानों की आय बढ़ाने, महिला किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने और कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि से नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा, परिश्रम, क्षमता और योगदान से होनी चाहिए। हर प्रतिभा का सम्मान और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना ही सशक्त बिहार के निर्माण का आधार है। प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मंच मिले और श्रमिकों को सम्मान, सुरक्षा तथा आर्थिक उन्नति का लाभ मिले, इसके लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि देश में अब तुष्टीकरण की राजनीति नहीं, बल्कि संतुष्टिकरण की राजनीति से विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। तुष्टीकरण समाज को बांटता है, जबकि संतुष्टिकरण प्रत्येक व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का माध्यम है। सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उसे सम्मानजनक जीवन का अवसर देना है। उन्होंने दीपावली के अवसर पर लोगों से जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर विकास, प्रतिभा, परिश्रम और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सबका सम्मान, सबको अवसर और सबका विकास ही समृद्ध बिहार एवं विकसित भारत का संकल्प है।













