पटना। बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की मतगणना के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पटना में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के एमएलसी उम्मीदवार और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के आवास पर समर्थक डमरू और शंख लेकर पहुंचने लगे हैं। समर्थकों ने जीत का जश्न मनाना भी शुरू कर दिया है। वहीं, जन सुराज और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशियों ने मतगणना की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि जिसे हॉट सीट कहा जा रहा है, वह वास्तव में कूल सीट है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के रुझान, पार्टी कार्यकर्ताओं के संयम और एनडीए नेतृत्व की गंभीरता को देखते हुए उन्हें विश्वास है कि चुनाव परिणाम उनके पक्ष में आएंगे।
नीरज कुमार ने धार्मिक आस्था का जिक्र करते हुए कहा कि मतगणना केंद्र जाने से पहले उन्होंने दादी मां के मंदिर में माथा टेकने, चूड़ा-दही-चीनी खाने और फिर मतगणना केंद्र पहुंचने की बात कही। उन्होंने बताया कि वह मां भगवती का आशीर्वाद लेकर मतगणना केंद्र पहुंचे हैं। वहां मंदिर में पूजा-अर्चना की व्यवस्था भी है। सबको पता है मतगठना स्थल पर माता बैठी हुई है। बजरंग बली का बंगल में मंदिर भी है। हमारे परिजन और डीएम वहां पूजा कर रहे हैं। इससे बड़ी बात क्या होगी?
उन्होंने कहा कि उन्हें कार्यकर्ताओं का भरपूर प्रेम और समर्थन मिल रहा है, यहां तक कि उन क्षेत्रों के कार्यकर्ता भी पहुंच रहे हैं, जहां चुनाव नहीं हो रहा है। कार्यकर्ताओं का यह स्नेह उनके लिए बड़ी ताकत है और उनकी ओर से सब कुछ ठीक है।
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज की प्रत्याशी दिव्या ज्योति ने मतगणना कक्ष में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सामान्य रूप से ठीक है लेकिन जिस कमरे में मतों की गिनती हो रही है, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाने का जवाब निर्वाचन आयोग को देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मतगणना की निगरानी जरूरी है। दिव्या ज्योति ने बताया कि इस संबंध में शिकायत की गई है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग ने निष्पक्षता बनाए रखी और परिणाम को प्रभावित करने का प्रयास नहीं हुआ, तो उन्हें जन सुराज के पक्ष में नतीजे आने की उम्मीद है।
राजद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार डॉ. संजीव ने भी मतगणना कक्ष में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छोटे चुनावों से लेकर विधायक, सांसद और वार्ड सदस्य के चुनावों तक में मतगणना कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं। ऐसे में यहां कैमरे नहीं होने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।
डॉ. संजीव ने जिला प्रशासन की भूमिका पर भी आरोप लगाए और जिलाधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।














