छतरपुर, विनोद मिश्रा। छतरपुर के महोबा रोड स्थित देशी मदिरा भंडार पर पिछले 10 दिनों से शराब से भरे करीब 12 ट्रक खड़े हुए हैं। इंदौर और बलौदा से माल लेकर पहुंचे ट्रक चालकों का कहना है कि गोदाम पर गाड़ियां खाली न होने के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इस लंबी देरी के बीच चालकों ने खड़े वाहनों से डीजल चोरी होने और ट्रकों को जल्द खाली कराने के एवज में पैसे मांगे जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने एक दिन में तीन ट्रक खाली करवाए हैं, जबकि अभी भी कई वाहन कतार में खड़े हैं।

आबकारी अधिकारी की सफाई: गोदाम की कमी और निर्माण कार्य बना देरी की वजह

मामले पर सफाई देते हुए सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं देशी मदिरा भंडार के प्रभारी विवेक सक्सेना ने बताया कि लगभग 13 हजार वर्गफीट क्षमता वाले मौजूदा गोदाम की जगह सीमित है। इसके अलावा परिसर में नए गोदाम का निर्माण कार्य चलने के कारण ट्रकों को बाहर खड़ा करना पड़ रहा है। उन्होंने त्योहारों के दौरान मजदूरों की कमी, कर्मचारियों की छुट्टियों और विभागीय अवकाश को भी देरी का मुख्य कारण बताया। अब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम के जरिए गोदाम की क्षमता के अनुसार ट्रकों को खाली कराया जा रहा है।

चार जिलों की आपूर्ति पर संकट, डीजल चोरी और वाहन की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस देशी मदिरा भंडार से छतरपुर के साथ-साथ पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी कुल चार जिलों में शराब की सप्लाई की जाती है। ट्रकों के समय पर खाली न होने से सप्लाई व्यवस्था पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। वहीं, डीजल चोरी के आरोपों पर आबकारी प्रभारी का कहना है कि यह मामला उनके विभागीय कार्यक्षेत्र से बाहर है। उनके अनुसार, वाहन और उसमें रखे ईंधन की पूरी जवाबदारी ड्राइवर की अपनी होती है। बहरहाल, 10 दिनों से खड़े इन ट्रकों के चालकों को कब राहत मिलेगी और डीजल चोरी के आरोपों की जांच कौन करेगा, इस पर संशय बना हुआ है।