मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश की मालवा बेल्ट में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रतलाम रेंज के अंतर्गत आने वाले नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों में जब्त किए गए करीब 115 टन मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया। न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1040 प्रकरणों में जब्त इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। यह प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी नष्टीकरण कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
पुलिस द्वारा नष्ट किए गए मादक पदार्थों में एमडी, अफीम, डोडाचूरा, चरस, गांजा, ब्राउन शुगर सहित विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधित नशीले पदार्थ शामिल थे। इन सभी को नीमच जिले के नयागांव के समीप स्थित एक सीमेंट फैक्ट्री में अत्यधिक तापमान वाले बॉयलर में जलाकर पूरी तरह नष्ट किया गया। यह अभियान शुक्रवार से शुरू होकर शनिवार देर शाम तक लगातार चला।
पूरी कार्रवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीनों जिलों के विभिन्न पुलिस थानों से जब्त सामग्री को फैक्ट्री तक पहुंचाया गया। पहले नीमच और रतलाम जिले की जब्त सामग्री का नष्टीकरण किया गया, इसके बाद मंदसौर जिले से लाई गई मादक सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी व निगरानी भी की गई।
आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान में मंदसौर जिले के 600, नीमच जिले के 300 तथा रतलाम जिले के 140 प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया गया। इसके लिए रतलाम जिले के 21, मंदसौर जिले के 16 और नीमच जिले के लगभग 10 पुलिस थानों से जब्त सामग्री एकत्रित की गई। मौके पर रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल सहित मंदसौर और नीमच के पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब्त मादक पदार्थों का समय-समय पर नष्टीकरण किया जाता है। इसके लिए गठित विशेष समिति की मौजूदगी में सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए पूरी कार्रवाई संपन्न कराई गई। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से मालवा क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश देने में मदद मिलेगी।

