पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम गजंदा में 22 वर्षीय नवविवाहिता सावित्री बाई लोधी की संदिग्ध मौत के मामले में पन्ना पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि महिला की मौत हादसा नहीं, बल्कि उसके पति द्वारा फांसी लगाकर की गई हत्या थी। वारदात को छिपाने के लिए परिजनों ने सीढ़ियों से गिरने की झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने आरोपी पति, दादी सास और चाचा ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


हादसे की बताई गई थी झूठी कहानी

गत 7 जुलाई 2026 को कटनी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सावित्री बाई की मौत हो गई थी। ससुराल पक्ष के लोगों ने दावा किया था कि सावित्री छत की सीढ़ियों से गिर गई थी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। मामला नवविवाहिता की मौत से जुड़ा होने के कारण मर्ग की अग्रिम जांच एसडीओपी पवई भावना दांगी को सौंपी गई।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज

एसडीओपी भावना दांगी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जब मायके व ससुराल पक्ष के बयान दर्ज किए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विश्लेषण किया, तो सच सामने आ गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय से स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत सिर की चोट से नहीं, बल्कि गले पर दबाव पड़ने (दम घुटने) के कारण हुई है। विसरा सुरक्षित कर एफएसएल (FSL) सागर भेजा गया और पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।


विवाद के बाद पति ने दी दर्दनाक मौत

पुलिस जांच के अनुसार, 7 जुलाई की शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच सावित्री का अपने पति जगदीश उर्फ बौरा से विवाद हुआ था। गुस्से में आकर आरोपी पति जगदीश ने सावित्री को छत पर फांसी के फंदे पर लटका दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के दौरान गिरने से उसके माथे पर चोट भी आई थी।


साक्ष्य छिपाने वाले रिश्तेदार भी पहुंचे जेल

घटना के समय घर पर मौजूद चाचा ससुर अम्मू लोधी और दादी सास रमिसिया बाई लोधी को पूरी वारदात की जानकारी थी। इसके बावजूद दोनों ने आरोपी का साथ दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए सीढ़ियों से गिरने की झूठी कहानी बनाई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति जगदीश, चाचा ससुर अम्मू लोधी और दादी सास रमिसिया बाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया है।