भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी भोपाल में आजादी के जश्न के तहत 'हर घर तिरंगा' अभियान का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने औपचारिक शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास (CM House) में गरिमामय माहौल के बीच राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों से अपने-अपने घरों एवं संस्थानों पर गर्व से तिरंगा लहराने का आह्वान किया।

ध्वजारोहण के उपरांत सीएम हाउस परिसर से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं बुलेट (मोटरसाइकिल) चलाकर हाथ में तिरंगा थामे टीटी नगर स्टेडियम के लिए रवाना हुए।


रिमझिम और मूसलाधार बारिश के बीच बुलेट पर सवार होकर टीटी नगर स्टेडियम पहुँचे मुख्यमंत्री का मार्ग में स्थान-स्थान पर स्वागत किया गया। इस अनूठी तिरंगा यात्रा ने राजधानीवासियों और युवाओं में जबरदस्त देशभक्ति का संचार किया।

यात्रा के समापन के बाद मीडिया और जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में इस स्वरूप का यह पहला भव्य कार्यक्रम रहा है। बारिश के कारण इस तिरंगा यात्रा का आनंद दो गुना हो गया है। बरसती बारिश में भी इस यात्रा का भव्य आयोजन देश और तिरंगे के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


1000 साल के ग्रहण के बाद 1947 में मिली स्वतंत्रता

अपने संबोधन के दौरान इतिहास के पन्नों को याद करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान के बलिदान के बाद भारत की स्वाधीनता और अखंडता पर एक लंबा ग्रहण लग गया था। उन्होंने कहा कि लगभग एक हजार साल तक चले इस संघर्ष और ग्रहण का अंत 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी के साथ हुआ। यह तिरंगा हमारी इसी सदियों पुरानी आज़ादी, संप्रभुता और अमर बलिदानों का जीवंत प्रतीक है।


तिरंगे की यश-कीर्ति निरंतर बढ़ने की ईश्वर से की प्रार्थना

मुख्यमंत्री ने परमात्मा से प्रार्थना करते हुए कहा कि शौर्य, वीरता, त्याग और बलिदान का प्रतीक हमारा राष्ट्रध्वज तिरंगा देश को सदैव नई ऊँचाइयों पर ले जाए। उन्होंने कामना की कि भारत और हमारे तिरंगे की यश, कीर्ति और प्रसिद्धि पूरे विश्व में निरंतर बढ़ती रहे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे 'हर घर तिरंगा' अभियान को एक जन-उत्सव का रूप दें और राष्ट्रभक्ति के इस पावन पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लें।