नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश का मान बढ़ाने वाले भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को शाम 4 बजे मुलाकात करेंगे। भारत का प्रदर्शन टूर्नामेंट में शानदार रहा और देश ने 13 गोल्ड समेत कुल 39 मेडल अपने नाम किए।रेसलिंग, बैडमिंटन, हॉकी और शूटिंग जैसे अहम खेलों की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लाजवाब रहा। ग्लासगो में हुए इस इवेंट में भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। जूडो के खेल में भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इस खेल में देश को पहला गोल्ड अस्मिता डे ने दिलाया, जबकि हर्ष सिंह भी देश के लिए गोल्ड जीतने में सफल रहे। जूडो में भारत ने कुल 4 मेडल अपने नाम किए।
वहीं, भारतीय मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10 मेडल जीते। इसमें 7 गोल्ड शामिल रहे। महिला मुक्केबाजों ने अपना दमखम दिखाते हुए 7 में से 5 गोल्ड मेडल देश को दिलाए। लॉन्ग-डिस्टेंस रन गुलवीर सिंह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो मेडल जीतने वाले 'ट्रैक एंड फील्ड' में भारत के पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने 10 हजार मीटर की रेस में सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि 5 हजार मीटर की रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
वेटलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिला। देश ने इस खेल में कुल 8 मेडल जीते। मीराबाई चानू ने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। वह गोल्ड की हैट्रिक लगाने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बनीं। वहीं, लवप्रीत सिंह ने स्नैच राउंड में कॉमनवेल्थ गेम्स में नया रिकॉर्ड कायम करते हुए सिल्वर मेडल जीता। भारत के पैरा एथलीट्स ने भी देश का नाम रोशन करने में कोई कमी नहीं छोड़ी और कुल 7 मेडल जीते। शॉट पुट के खेल में शर्मीला धनखड़ भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली पैरा एथलीट बनीं। दिलीप महादु गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 रेस में गोल्ड मेडल जीता, जबकि सोमन राणा ने शॉटपुट में गोल्ड अपने नाम किया।
भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा। भारत पहुंचने पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देश के लिए मेडल जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया था। खेल मंत्री ने गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख, सिल्वर लाने वाले प्लेयर्स को 20 लाख और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये का चेक भी दिया था।




