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डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं में बड़ा उतार-चढ़ाव, सोना हुआ सस्ता तो चांदी के बढ़े भाव

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24 फ़रवरी 2026, 03:00 pm IST
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मुंबई। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और पिछले सत्र में भारी बढ़त के बाद मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के चलते मंगलवार को शुरुआती कारोबार में कीमती धातुओं यानी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बाद में चांदी में उछाल देखने को मिली।


निवेशकों ने टैरिफ को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान के बीच जारी शांति वार्ता पर भी नजर रखी, जिससे कीमतों में बड़ी गिरावट सीमित रही।


मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी के लिए सोने का वायदा भाव खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 12:06 बजे) 0.65 प्रतिशत गिरकर 1,60,541 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन बाद में खबर लिखे जाने तक इसमें 0.46 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली और यह 2,66,542 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।


कॉमेक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 1.1 प्रतिशत गिरकर 5,170.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि स्पॉट गोल्ड 1.5 प्रतिशत गिरकर 5,150.38 डॉलर प्रति औंस पर रहा। दिन में इससे पहले सोना तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था। स्पॉट सिल्वर 3.1 प्रतिशत गिरकर 85.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो पिछले सत्र में दो सप्ताह के उच्च स्तर पर था।


डॉलर इंडेक्स में इंट्रा-डे आधार पर 10.19 प्रतिशत की तेजी आई और यह 97.89 पर पहुंच गया, जिससे अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना-चांदी महंगा हो गया।


विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आपातकालीन टैरिफ के खिलाफ दिए गए फैसले के बाद टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे भू-राजनीतिक जोखिमों के खिलाफ बचाव (हेज) के रूप में सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो देश व्यापार समझौतों से पीछे हटेंगे, उन पर अधिक टैरिफ लगाया जाएगा।


विश्लेषकों ने यह भी कहा कि ईरान के साथ 'सार्थक समझौते' के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की 10 दिन की समय-सीमा नजदीक आने से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है, जो अल्पकाल में सोने की कीमतों को सहारा दे सकता है।


चीन में लूनर न्यू ईयर अवकाश के बाद कीमती धातुओं का वायदा बाजार फिर से खुल गया है, जिससे वैश्विक तरलता की स्थिति बेहतर हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, चांदी पश्चिमी स्पॉट कीमतों के मुकाबले प्रीमियम पर कारोबार कर रही है, जो स्थानीय आपूर्ति की कमी और मजबूत औद्योगिक मांग को दर्शाता है।


उन्होंने कहा कि उतार-चढ़ाव के बावजूद मध्यम और दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, जिसे औद्योगिक मांग और संरचनात्मक आपूर्ति सीमाओं का समर्थन मिल रहा है।


एक एक्सपर्ट के अनुसार, सोने को 1,60,600 रुपए और 1,58,800 रुपए पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,63,300 रुपए और 1,65,000 रुपए पर रेजिस्टेंस है। वहीं, एमसीएक्स चांदी के लिए 2,61,000 रुपए और 2,56,600 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 2,70,000 रुपए और 2,78,000 रुपए रेजिस्टेंस स्तर हैं।

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