छिंदवाड़ा | मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में शनिवार को दिनदहाड़े डकैती और विस्फोट की एक सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। एक शातिर आरोपी पूरी तैयारी के साथ बैंक का शटर काटकर भीतर दाखिल हुआ और लॉकर तोड़ने का प्रयास किया। वारदात की भनक लगते ही जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो आरोपी ने खुद को घिरा देख दहशत फैलाने के उद्देश्य से पेट्रोल से भरे सुतली बम में आग लगाकर जोरदार धमाका कर दिया। इस अफरा-तफरी के बीच भागने का प्रयास कर रहे आरोपी ने कर्तव्य पर तैनात सब इंस्पेक्टर (एसआई) नारायण बघेल पर नुकीले हथियार से जानलेवा हमला कर उन्हें घायल कर दिया। हालांकि, घायल होने के बावजूद जांबाज एसआई ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दौड़कर आरोपी को दबोच लिया।
गैस कटर से काटा शटर, पुलिस को रोकने के लिए किया सुतली बम का धमाका पुलिस अधीक्षक (SP) अजय पांडे ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े ११ बजे स्थानीय नागरिकों द्वारा परासिया रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया की पहली मंजिल पर स्थित शाखा का शटर कटे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और बैंक प्रबंधन का अमला तुरंत हरकत में आया और मौके पर पहुंच गया। चूंकि बैंक बंद था और मुख्य शाखा पहली मंजिल पर थी, इसलिए पुलिस टीम दो शटर पार कर भीतर दाखिल हुई। जैसे ही पुलिस ने आखिरी शटर उठाकर अंदर घुसने का प्रयास किया, काउंटर के पीछे छिपे आरोपी ने पुलिस बल को डराने और मौके से भागने के लिए पेट्रोल से भरे रस्सी व सुतली बम में आग लगा दी। बम के जोरदार धमाके से पूरा बैंक परिसर दहल उठा और चारों तरफ धुआं फैल गया, लेकिन पुलिस टीम पीछे नहीं हटी।जांबाज एसआई नारायण बघेल पर कटार से हमला, फिर भी दबोचा धमाके के कारण फैली दहशत और धुएं का फायदा उठाकर आरोपी ने खिड़की या रास्ते से भागने की कोशिश की, लेकिन सब इंस्पेक्टर नारायण बघेल ने अपनी जान की परवाह न करते हुए उसका पीछा किया। खुद को पकड़ता देख आरोपी ने अपने पास रखे एक कटारनुमा नुकीले लोहे के हथियार से एसआई बघेल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में सब इंस्पेक्टर के हाथ की उंगली में गहरी चोट आई और वे लहुलूहान हो गए, लेकिन उन्होंने आरोपी पर अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी और उसे पूरी तरह से काबू कर लिया। इसी दौरान थाने से अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने एसआई नारायण बघेल की इस अदम्य बहादुरी की खुले दिल से सराहना की है।
पूरी तैयारी के साथ आया था लुटेरा, बैंक में नहीं था कोई सुरक्षा गार्ड घटनास्थल की तकनीकी और फोरेंसिक जांच के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट आनंद तिवारी की टीम भी मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से लॉकर और मुख्य चेस्ट रूम को तोड़ने के इरादे से आया था। उसके पास से गैस कटर, गैस सिलेंडर, हथौड़ी, छेनी और लोहा काटने वाले कई अन्य कड़े उपकरण बरामद हुए हैं। पकड़े जाने के डर से आरोपी ने बैंक के रिकॉर्ड और फाइलों वाले हिस्से में भी आग लगा दी थी, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान बैंक प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई है कि घटना के समय बैंक में कोई भी सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से बैंक का सारा कैश और कीमती सामान पूरी तरह सुरक्षित है। सीसीटीवी में दिखा अकेला आरोपी, साथी की तलाश में पूछताछ जारी एसपी अजय पांडे के मुताबिक, वारदात के शुरुआती दौर में बैंक के भीतर दो से तीन आरोपियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही थी, जिसके चलते पूरे बैंक परिसर की सघन तलाशी ली गई। हालांकि, बाद में खंगाले गए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से स्पष्ट हुआ है कि बैंक के भीतर केवल एक ही आरोपी दाखिल हुआ था। कोतवाली पुलिस अब पकड़े गए आरोपी को रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या बैंक के बाहर रेकी करने में उसका कोई अन्य साथी भी शामिल था या उसने अकेले ही इस पूरी खौफनाक वारदात का ताना-बाना बुना था। पुलिस का दावा है कि पूछताछ पूरी होने के बाद जल्द ही मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा।

