भोपाल, जीतेन्द्र यादव। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर की व्यवस्था, सनातन परंपरा और देश के सामाजिक माहौल को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों राम भक्तों की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़ी किसी भी घटना से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं।


उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्था ऐसे लोगों के हाथों में होनी चाहिए जो सनातन धर्म और उसकी परंपराओं के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हों। उनका कहना था कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के कुकृत्य करने वालों को कठोर दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों से केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की प्रतिष्ठा और भावनाओं को ठेस पहुंचती है।


धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि अधर्म का अंत निश्चित होता है। उन्होंने रावण और माता जानकी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान के धाम में रहकर गलत कार्य करने वालों को भी उसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने संत समाज पर उठ रहे सवालों पर भी चिंता व्यक्त की।


अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भारत के मुसलमानों का उल्लेख करते हुए इंडोनेशिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाले लोग दिवाली भी मनाते हैं और कथा भी सुनते हैं। उन्होंने इसे सामाजिक सौहार्द का उदाहरण बताते हुए अपनी बात रखी।