गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को विधानसभा में कथित 'लेफ्ट-लिबरल' राजनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समूह हर विकास परियोजना का विरोध करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को केंद्र से अधिक सहयोग पाने के लिए 'प्रतिस्पर्धी संघवाद' को अपनाना होगा।
असम विधानसभा में बोलते हुए सरमा ने कहा कि लोगों को बेहतर अस्पताल, सड़कें, सिंचाई की सुविधाएं और कृषि विकास चाहिए, लेकिन कुछ लोग हर विकास परियोजना का विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा, ''लेफ्ट-लिबरल सोच वाले लोग हर विकास कार्य का विरोध करने की कोशिश करते हैं। हमें अस्पताल, सड़क, सिंचाई और कृषि विकास की जरूरत है, लेकिन जैसे ही कोई परियोजना आती है, उसका विरोध शुरू हो जाता है।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे की दौड़ में पीछे नहीं रह सकता। उन्होंने कहा, ''यह प्रतिस्पर्धी संघवाद का दौर है। अगर हम विकास की दौड़ में हिस्सा नहीं लेंगे, तो असम पीछे रह जाएगा। हमें विकास की प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ना होगा और धीरे-धीरे राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाना होगा।''
सरमा ने कहा कि जो राज्य सुधार करेंगे, औद्योगीकरण को बढ़ावा देंगे, निर्यात बढ़ाएंगे, 100 प्रतिशत साक्षरता हासिल करेंगे और बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगे, उन्हें केंद्र सरकार से स्वाभाविक रूप से अधिक सहयोग मिलेगा। जो राज्य देश के विकास की गति के साथ नहीं चलेंगे, वे धीरे-धीरे पीछे छूट जाएंगे।
पूर्वोत्तर भारत की बदलती आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की वजह से असम लंबे समय से इस क्षेत्र का सबसे विकसित राज्य रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि पड़ोसी राज्य भी तेजी से बड़े विकास कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं। असम को बढ़त बनाए रखने के लिए सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास की रफ्तार बनाए रखनी होगी।
मुख्यमंत्री ने ये बातें विधानसभा में सरकार के विकास एजेंडे पर चर्चा के दौरान कही। उन्होंने बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।




