गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि केंद्र की 'पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना' के तहत जिन घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं, उनमें से 17.6 प्रतिशत घर अब अब शून्य बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं। यह राज्य में इस प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रम के बढ़ते असर को दिखाता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि इस योजना ने असम में हजारों परिवारों के बिजली खर्च को कम करके और राज्य के स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने के सफर को मजबूत करके बड़ा बदलाव लाया है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, "असम में सोलर पावर का इस्तेमाल करने वाले 17.6 प्रतिशत परिवारों का बिजली बिल जीरो रहा है। यह वह बदलाव है जो पीएम सूर्य घर योजना ने असम में लाया है; यह राज्य इस योजना को लागू करने के मामले में देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है।"

मुख्यमंत्री के अनुसार, पीएम सूर्य घर पहल परिवारों को रूफटॉप सोलर सिस्टम के जरिए बिजली पैदा करने में सक्षम बनाकर उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक लाभ, दोनों सुनिश्चित कर रही है।

इस योजना ने लाभार्थियों को अपने मासिक बिजली बिलों में काफी कटौती करने में मदद की है और एक बड़े हिस्से का बिजली पर खर्च जीरो रहा है।

राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर रूफटॉप सोलर को अपनाने को बढ़ावा दे रही है और पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगाने तथा योजना के तहत वित्तीय सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

अधिकारियों का मानना ​​है कि यह कार्यक्रम न केवल पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि असम के लंबे समय के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में भी योगदान देगा।

मुख्यमंत्री सरमा की ये बातें ऐसे समय में आई हैं, जब असम नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है और स्वच्छ व सस्ती बिजली तक पहुंच में सुधार कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पीएम सूर्य घर योजना को लागू करने में राज्य के प्रदर्शन ने असम को देश के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल कर दिया है।

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य आवासीय सोलर सिस्टम के लिए सब्सिडी देकर घरेलू बिजली की लागत कम करके और टिकाऊ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देकर पूरे भारत में रूफटॉप सोलर को अपनाने की गति को तेज करना है।

केंद्र ने इस योजना को नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और साथ ही उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ कम करने की एक अहम पहल के तौर पर पेश किया है।